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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 15 प्रहेलिका

Page No 104: Question 1 श्लोकांशेषु रिक्तस्थानानि पूरयत − (क) सीमन्तिनीषु का ———————राजा ——————— गुणोत्तम: । (ख) कं सञ्जघान ——————— का ——————— गङ्गा? (ग) के ——————— कं ——————— न बाधते शीतम् ।। (घ) वृक्षाग्रवासी न च ———————, ——————— न च शूलपाणि । Answer: (क) सीमन्तिनीषु का शान्ता राजा कोऽभूत् गुणोत्तम: । (ख) कं सञ्जघान कृष्ण: का शीतलवाहिनी गङ्गा? (ग) के दारपोषणरता: कं बलवन्तं न बाधते शीतम् ।। (घ) वृक्षाग्रवासी …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 14 आर्यभटः

Page No 97: Question 1 एकपदेन उत्तरत − (क) सूर्य कस्यां दिशायाम् उदेति? (ख) आर्यभटस्य वेधशाला कुत्र आसीत्? (ग) महान गणितज्ञ: ज्योतिविच्च क: अस्ति? (घ) आर्यभटेन क: ग्रन्थ: रचित: ? (ङ) अस्माकं प्रथमोपग्रहस्य नाम किम् अस्ति? Answer: (क) पूर्वस्याम् । (ख) पाटलीपुत्रे। (ग) आर्यभट: । (घ) आर्यभटीयम्। (ङ) आर्यभट: । Question 2 सन्धिविच्छेद कुरूत − …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 13 हिमालयः (सन्धि:)

Page No 90: Question 1 अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखत − (क) पृथिव्या: मानदण्ड: क:? (ख) हिमालय: भारतस्य कस्यां दिशि वर्त्तते? (ग) इन्दो: किरणेषु क: निमज्जति? (घ) कुमारसंभव महाकाव्यस्य रचयिता क:? (ङ) हिमालय: गुहासु क रक्षति? Answer: (क) हिमालय:। (ख) उत्तरस्याम् । (ग) अङ्क:। (घ) कालिदास:। (ङ) अन्धकारम् । Page No 91: Question 2 अधोरेखाङ्कितेभ्य: …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 12 कः रक्षति कः रक्षितः

Page No 85: Question 2 अधोलिखितेषु पदेषु प्रयुक्तां विभक्तिं वचनं च लिखत − पदानि विभक्ति: वचनम् यथा-भ्रमणाय चतुर्थी: एकवचनम् (क) वस्तूनि ————————— ————————— (ख) प्लाटिकेन ————————— ————————— (ग) विकीर्णानि ————————— ————————— (घ) मसियष्ट्या ————————— ————————— (ङ) स्यूतकेषु ————————— ————————— (च) काष्ठपीठे ————————— ————————— (छ) पृथिव्याम् ————————— ————————— Answer: पदानि विभक्ति: वचनम् यथा-भ्रमणाय चतुर्थी: एकवचनम् (क) …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 11 सावित्री बाई फुले

Page No 77: Question 1 अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत − (क) महाराष्ट्रस्य प्रथमा महिला शिक्षिका का आसीत्? (ख) कस्य समुदायस्य बालिकानां कृते सावित्री अपरं विद्यालयं प्रारब्धवती? (ग) कीदृशीनां कुरीतानां सावित्री विरोधम् अकरोत्। (घ) किमर्थं शीर्णवस्त्रावृता: नार्य: कूपात् जलं ग्रहीतुं वारिता:? (ङ) सावित्र्या: मृत्यु: कथम् अभवत्? (च) तस्या: द्वयो: काव्यसङ्कलनयो नामनी के? Answer: (क) सावित्री बाई …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 10 अशोक वनिका (सर्वनाम, तत्, एतत्-प्रयोग:)

Page No 70: Question 3 श्लोकेषु रिक्तस्थानानि पूरयत- (क) अशोक ——————– तु तस्यां वानर ——————–। स ददर्शाविदूरस्थं ——————– प्रासादमूर्जितम्‌|| (ख) कर्णिकारै: किंशुकैश्च ——————–। स देश: ——————– तेषां प्रदीप्त इव ——————–। Answer: (क) अशोक वनिकायां तु तस्यां वानर पुंगव:। स ददर्शाविदूरस्थं चैत्य प्रासादमूर्जितम्‌|| (ख) कर्णिकारै: किंशुकैश्च कुसुमितै: सुपुष्पितै:। स देश: प्रभया तेषां प्रदीप्त इव सर्वत:। Page No 71: Question 4 श्लोकांशान्‌ योजयत- क …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 9 सप्तभगिन्यः (प्रत्यय:)

Page No 64: Question 2 प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत − (क) अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति? (ख) प्राचीनेतिहासे का: स्वाधीना आसन्? (ग) केषां समवाय: ‘सप्तभगिन्य:’ इति कथ्यते? (घ) अस्माकं देशे कति केन्द्रशासित प्रदेशा: सन्ति? (ङ) सप्तभगिनी प्रदेशे क: उद्योग: सर्वप्रमुख: ? Answer: (क) अष्टविंशति: (ख) सप्तभगिन्य: (ग) सप्तराज्यानाम्। (घ) सप्त। (ङ) वंशोद्योग:। Question 3 अधोलिखितपदेषु …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 8 संसारसागरस्य नायकाः

Page No 54: Question 1 एकपदेन उत्तरत- (क) कस्य राज्यस्य भागेषु गजधर: शब्द: प्रयुज्यते? (ख) गजपरिमाणं क: धारयति? (ग) कार्यसमाप्तौ वेतनानि अतिरिच्य गजधरेभ्य: किं प्रदीयते स्म? (घ) के शिल्पिरूपेण न समादृता: भवन्ति? Answer: (क) राजस्थानस्य। (ख) गजधर:। (ग) सम्मानमपि। (घ) गजधरा:। Question 2 अधोलिखितानां प्रश्नानामुत्तराणि लिखत- (क) तडागा: कुत्र निर्मीयन्ते स्म? (ख) गजधरा: कस्मिन्‌ रूपे …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 7 जलवाहिनी (विशेष्य-विशेषणप्रयोग:)

Page No 45: Question 2 अधोलिखितानां प्रश्नानामुत्तराणि लिखत- (क) कूप: कीदृश: अस्ति? (ख) महास्फोट: कुत्र आस्ते? (ग) बाल कुत्र विलपिष्यति? (घ) जलवाहिनी यदि द्रुतं गच्छेत्‌ तर्हि किं स्यात्‌? Answer: (क) गंभीर (महालम्बस्तले)। (ख) करे। (ग) गृहे। (घ)  वसनं आर्द्र भवेत्। Question 3 अधोलिखितेषु पदेषु यथापेक्षितं सन्धिं/विच्छेदं कुरुत- (क) तस्य + अस्ति = ——————–। (ख) ——————– …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 6 प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा (ऋकारान्त-स्त्रीलिङ्ग:)

Page No 40: Question 1 एकपदेन उत्तरत- (क) प्रेमल: कथं श्रान्त: आसीत्‌? (ख) प्रेमल: कदा गृहम्‌ आगच्छत्‌? (ग) प्रेमल: कानि प्राज्वालयत्‌? (घ) चुल्लीं प्रज्वालयितुं प्रेमल: किं कृतवान्‌? (ङ) प्रेमली कस्य पत्नी आसीत्‌? Answer: (क) काष्ठच्छेदेन्। (ख) सायं काले। (ग) काष्ठानि (घ) फूत्कारम् (ङ) प्रेमलस्य। Question 2 अधोलिखितेषु पदेषु उपसर्गं चित्वा पृथक् कुरुत- यथा-अपगमिष्याति = अप …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 5 धर्मे धमनं पापे पुण्यम (ऋकारान्त-स्त्रीलिङ्ग:)

Page No 33: Question 1 एकपदेन उत्तरं लिखत- (क) व्याधस्य नाम किम्‌ आसीत्‌? (ख) चञ्चल: व्याघ्रं कुत्र दृष्टवान्‌? (ग) विस्तृते जाले क: बद्ध: आसीत्‌। (घ) बदरी-गुल्मानां पृष्ठे का निलीना आसीत्‌? (ङ) अनारतं कूर्दनेन क: श्रान्त: अभवत्‌? Answer: (क) चञ्चल:। (ख) वने। (ग) व्याघ्र:। (घ) लोमशिका। (ङ) व्याघ्र:। Question 2 संस्कृतेन उत्तरत- (क) चञ्चलेन वने किं …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 4 सदैव पुरतो निधेहि चरणम् (लोट्-विधिलिङ्ग-प्रयोग:)

Page No 25: Question 2 अधोलिखितानां प्रश्नानाम्‌ उत्तराणि एकपदेन लिखत- (क) स्वकीयं साधनं किं भवति? (ख) पथि के विषमा: प्रखरा:? (ग) सततं किं करणीयम्‌? (घ) एतस्य गीतस्य रचयिता क:? (ङ) स: कीदृश: कवि: मन्यते? Answer: (क) बलम्। (ख)  पाषाणा:। (ग) ध्येय स्मरणम्। (घ) श्रीधर भास्कर वर्णेकर:। (ङ) राष्ट्रवादी। Question 3 मञ्जूषात: क्रियापदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत- …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 3 भगवदज्जुकम (नकारान्तपुँल्लिङ्ग:)

Page No 20: Question 1 अधोलिखितानां प्रश्नानाम्‌ उत्तराणि एकपदेन लिखत- (क) गणिकाया: नाम किम्‌? (ख) परिव्राजकस्य शिष्य: क: आसीत्‌? (ग) यमदूत: गणिकाया: जीवं कस्य शरीरे निदधति? (घ) परहितनिरता के भवन्तु? Answer: (क) वसन्तसेना। (ख) शाण्डिल्य:। (ग) परिव्राजकस्य। (घ) भूतगणा:। Question 2 सन्धिविच्छेदं कुरुत- यथा – तत्रैव तत्र + एव भगवन्नयम्‌ ——————– + ——————– श्वासश्च ——————– …

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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 1 सूभाषितानि

Page No 3: Question 2 श्लोकांशेषु रिक्तस्थानानि पूरयत- (क) समुद्रमासाद्य ———————। (ख) ——————— वच: मधुरसूक्तरसं सृजन्ति। (ग) तद्भभागधेयं ——————— पशूनाम्‌। (घ) विद्याफलं ——————— कृपणस्य सौख्यम्‌। (घ) स्त्रियां ——————— सर्वं तद् ———————कुलम्‌। Answer: (क) समुद्रमासाद्य भवन्त्यपेया:। (ख) श्रुत्वा वच: मधुरसूक्तरसं सृजन्ति। (ग) तद्भागधेयं परमं पशूनाम्‌। (घ) विद्याफलं व्यसनिनं कृपणस्य सौख्यम्‌। (घ) स्त्रियां रोचमानायां सर्वं तद् रोचते कुलम्‌। Question 3 प्रश्नानाम्‌ उत्तराणि एकपदेन लिखत- (क) व्यसनिन: किं नश्यति? …

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Sanskrit translation of chapter 15 मातुलचन्द्र in hindi class 6

मातुलचन्द्र पाठ का परिचय (Introduction of the Lesson) प्रस्तुत पाठ एक बालगीत है। एक बालक विस्तृत नील गगन में चंदा मामा की ओर आकर्षित हो अनुरोध करता है कि चंदा मामा आएँ उस पर स्नेह बरसाएँ, उसे गीत सुनाएँ। चंदा मामा कहाँ से आते हैं, कहाँ जाते हैं-यह बात भी उसे अचंभे में डालती है। …

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Sanskrit translation of chapter 14 अहह आः च in hindi class 6

अहह आः च पाठ का परिचय (Introduction of Lesson) प्रस्तुत पाठ में एक कथा है। इसमें यह बताया गया है कि एक सरल स्वभाव वाला परिश्रमी कर्मचारी एक वृद्धा के द्वारा दिए हुए विचित्र उपाय से अपने चतुर मालिक की अद्भुत शर्त पूरी कर उससे अवकाश और वेतन का पूरा पैसा पाने में सफल हो …

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Sanskrit translation of chapter 13 विमानयानं रचयाम् in hindi class 6

विमानयानं रचयाम् राघव! माधव! सीते! ललिते! विमानयानं रचयाम । नीले गगने विपुले विमले वायुविहारं करवाम ||1|| उन्नतवृक्षं  तुङ्गं भवन क्रान्त्वाकाशं खलु याम । कृत्वा  हिमवन्तं सोंपानं चन्दिरलोकं प्रविशाम ||2|| शुक्रश्चन्द्र: सूर्यो गुरुरिति ग्रहान्‌ हि सर्वान्‌ गणयाम ।। विविधा: सुन्दरताराश्चित्वा मौक्तिकहारं रचयांम ||3|| अम्बुदमालाम्‌ अम्बरभूषाम्‌ आदायैव हि प्रतियाम । दु:खित-पीडित-कृषिकजनानां गृहेषु हर्ष जनयाम ||4||  

Sanskrit translation of chapter 12 दशमः त्वम् असि in hindi class 6

दशमः त्वम् असि पाठ परिचय (Introduction of Lesson) इस पाठ संख्यावाच्री (पुल्लिग) पदों से परिचय कराया गया है। पाठ में कत्वा प्रत्ययान्त पदों का प्रयोग भी है। यथा- दृष्टूबा – देखकर, श्रुत्वा – सुनकर आदि। दस बालक स्नान के लिए नदी पर जाते हैं; स्नान के पश्चात्‌ एक बालक गणना करता है किंतु स्वयं को …

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Sanskrit translation of chapter 11 पुष्पोत्सवः in hindi class 6

पुष्पोत्सवः पाठ परिचय (Introduction of Lesson) इस पाठ में पुष्पों के उत्सव “फूल वालों को सैर” का वर्णन आया है। यह उत्सव दिल्ली में अक्टूबरके महीने में मनाया जाता है। पुष्यों से बने पंखे इस उत्सव का मुख्य आकर्षण हैं। यह उत्सव गत दो सौ वर्ष से चलता आ रहा है। इस पाठ में स्प्तमी …

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Sanskrit translation of chapter 10 कृषिका कर्मवीराः in hindi class 6

कृषिका कर्मवीराः पाठ परिचय (Introduction of Lesson) इस पाठ में हमारे अन्नदाता किसानों की कर्मठता और उनके संघर्षमय जीवन के विषय में बताया गया है। सर्दी गर्मी के कष्टों को सहन करते हुए वे हम सब के लिए अन्न का उत्पादन करते हैं। अत्यधिक परिश्रम करने के उपरांत भी उन्हें निर्धनता का जीवन व्यतीत करना …

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Sanskrit translation of chapter 9 क्रीडास्पर्धा in hindi class 6

क्रीडास्पर्धा हुमा – यूयं कुत्र गच्छथ? इन्दर: – वयं विद्यालयं गच्छाम:। फेकन: – तत्र क्रीडास्पर्धा: सन्ति। वयं खेलिष्याम:। रामचरण: – किं स्पर्धा: केवलं बालकेभ्य: एवं सन्ति? प्रसन्‍ना – नहि, बालिका: अपि खेलिष्यन्ति। रामचरण: – कि यूयं सर्वे एकस्मिन्‌ दले स्थ? अथवा पृथक्‌-पृथक्‌ दले? प्रसन्‍ना – तत्र बालिका: बालका: च मिलित्वा खेलिष्यन्ति। फेकन: – आम्‌, बेडमिंटन-क्रीडायां …

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Sanskrit translation of chapter 8 सूक्तिस्तबकः in hindi class 6

सूक्तिस्तबकः  पाठ परिचय (Introduction of Lesson) इस पाठ में संस्कृत साहित्य की कुछ सूक्तियों का संकलन है। ‘सूक्ति’ शब्द ‘ सु उपसर्ग तथा ‘उक्ति’ शब्द से बना है। सु + उक्ति – ‘सूक्ति’ का अर्थ है-अच्छा वचन। अत्यल्प शब्दों में जीवन के बहुमूल्य तथ्यों को सुंदर ढंग से कहने के लिए संस्कृत साहित्य की सूक्तियाँ …

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Sanskrit translation of chapter 7 बकस्य प्रतीकारः in hindi class 6

बकस्य प्रतीकारः पाठ का परिचय (Introduction of the lesson) इस पाठ में अव्यय पदों का प्रयोग आया है। अव्यय वे होते हैं जिनमें लिंग, पुरुष, वचन, काल आदि के कारण कोई रूपांतर नहीं आता। वे अपने मूल रूप में प्रयुक्त होते हैं। यथा- (i) सः अपि गच्छति। (ii) अहम्‌ अपि गमिष्यामि। (iii) ते अपि गमिष्यन्ति। …

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Sanskrit translation of chapter 6 समुद्रतट in hindi class 6

समुद्रतट पाठ परिचय (Introduction of the lesson) इस पाठ म॑ तृताया तथा चतुर्थी विभकति के शब्द रूप का प्रयोग आया हैं। सरल शब्दों में “के द्वारा’ ‘से’ (with , by) के अर्थ में तृतीया विभक्ति पद तथा ‘के लिए! (for) के अर्थ में चतुर्थी विभकति पद का प्रयोग किया जाता है। यथा- (i) “कन्दुकेन’-गेंद से …

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Sanskrit translation of chapter 5 वृक्षः in hindi class 6

वृक्षः पाठ परिचय (Introduction of Lesson) इस पाठ में अकारान्त शब्द के प्रथमा तथा द्वितीया विभक्ति के रूप का प्रयोग आया है। प्रथमा विभक्ति का शब्द रूप कर्तापद के लिए और द्वितीया विभक्ति का रूप कर्मपद्‌ के लिए प्रयोग में लाया जाता है। यथा- (i) ‘बालका: खेलन्ति’ वाक्य में ‘बालका:’ कर्तापद (subject) होने के कारण …

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Sanskrit translation of chapter 4 विद्यालयः in hindi class 6

विद्यालयः (क) एष: विद्यालय :। अन्न छात्रा: शिक्षका:, शिक्षिका: च सन्ति।   सरलार्थ- यह विद्यालय है । यहाँ बच्चे , अध्यापक और अध्यापिकाएँ हैं ।   (ख) एपषा सङ्गणकयन्त्र-प्रयोगशाला अस्ति। एतानि सङ्गणकयमन्त्राणि सन्ति। एतत्‌ अस्माकं विद्यालयस्य उद्यानम्‌ अस्ति। उद्याने पुष्पाणि सन्ति। वयम्‌ अत्र क्रोडाम: पठाम: च।   सरलार्थ- यह कम्पयूचर – प्रयोगशाला हैं । ये …

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Sanskrit translation of chapter 2 शब्दपरिचयः 2 in hindi class 6

शब्दपरिचयः II (क) एषा का? एषा दोला। दोला कुत्र अस्ति? दोला उपवने अस्ति। सरलार्थ- यह क्या है ? यह झूला है । झूला कहाँ है ? झूला बगीचे में हैं ।   (ख) सा का? सा घटिका। घटिका कि सूचयति? घटिका समय सूचयति। सरलार्थ-  वह क्या है ? वह घड़ी है । घड़ी क्या सूचित …

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Sanskrit translation of chapter 1 शब्दपरिचयः 1 in hindi class 6

शब्दपरिचयः I (क) एष: कः? एष: चषक:। किम्‌ एष: बृहत्‌? ने, एषः लघुः। सरलार्थ- यह कौन (क्या , पंल्लिङ्ग के लिए) है ? यह गिलास है । क्या यह बड़ा है ? नहीं , यह छोटा है । (ख) सः क:? स: सौचिक :। सौचिक : कि करोति? किं स: खेलति? न, सः वस्त्रं सीव्यति। …

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Sanskrit translation of chapter 1 भारतीवसन्तगीतिः in hindi class 9

भारतीवसन्तगीतिः अयं पाठ: आधुनिकसंस्कृतकवे: पण्डितजानकीवल्लभशास्त्रिण: “काकली ” इति गीतसंग्रहात्‌ सडकलितो स्ति। प्रकृते: सौन्दर्यमू अवलोक्य एवं सरस्वत्य: वीणाया: मधुरझडःकृतय: प्रभवितुं शक्यन्ते इति भावनापुरस्सरं कवि: प्रकृते: सौन्दर्य वर्णयन्‌ सरस्वतीं वीणावादनाय सम्प्रार्थयते। पाठसारः हिंदी के प्रसिद्ध छायावादी कवि पं० जानकी वल्लभ शास्त्री. संस्कृत के भी श्रैष्ठ कवि हैं। इनका एक गीत संग्रह “काकली ‘ नाम से प्रसिद्ध है। …

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Sanskrit translation of chapter 15 लालनगीतम in hindi class 7

लालनगीतम (क) उदिते सूर्य धरणी विहसति । पक्षी कृजति कमलं विकसति || 1 || अन्वयः – उदिते सूर्य धरणी विहसति । पक्षी कृजति कमलं विकसति । सरलार्थ – सुर्य के निकलने पर प्रथ्वी हसती है (अर्थात् पूरी प्रथ्वी प्रकाशित हो जाती है, पक्षी चहतहाते है , कम्ल खिलता है । ) (ख) नदति मन्दिरे उच्चैर्ढक्का …

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Sanskrit translation of chapter 14 अनारिकायाः जिज्ञासा in hindi class 7

अनारिकायाः जिज्ञासा (क) बालिकाया: अनारिकाया: मनसि सर्वदा महती जिज्ञासा भवति। अत: सा बहून्‌ प्रश्नान्‌ पृच्छति। तस्या: प्रश्न: सर्वेषां बुद्धि: चक्रवत्‌ भ्रमति। प्रात: उत्थाय सा अन्वभवत्‌ यत्‌ तस्या: मनः प्रसन्नं नास्ति। मनोविनोदाय सा भ्रमितुं गृहात्‌ बहि: अगच्छत्‌ |   सरलार्थ – बालिका अनारिका के मन में सदा बड़ी जिज्ञासा रहती है । अतः वह अनेक प्रशन …

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Sanskrit translation of chapter 12 विद्याधनम् in hindi class 7

विद्याधनम् (क) न चोरहार्य न च राजहाय॑ न भ्रातृभाज्य न च भारकारि । व्यये कृते वर्धत एव नित्य विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्‌ || 1 ||   अन्वयः – विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्‌ । (एतत्) न चौरहार्यम् न च राजहार्य , न भ्रातृभाज्यम् न च भरकारि । (एतत्) व्यये कृते नित्यं वर्धते एव । सरलार्थ – विद्याधन सभी धनों मे प्रधान …

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Sanskrit translation of chapter 11 समवायो हि दुर्जयः in hindi class 7

समवायो हि दुर्जयः (क) पुरा एकस्मिन्‌ वृक्षे एका चटका प्रतिवसति स्म। कालेन तस्या: सन्तति: जाता। एकदा कश्चित्‌ प्रमत्त: गज: तस्य वृक्षस्य अध: आगत्य तस्य शाखां शुण्डेन अत्रोटयत्‌।   सरलार्थ – पहले समय में एक वृक्ष पर एक चिड़िया रहती थी । समय के साथ उसके सन्तान उत्पन्न हुए एकबगर कोइ मस्त हाथी ने उस वृक्ष के …

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Sanskrit translation of chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः in hindi of class 7

त्रिवर्णः ध्वजः (क) (केचन बालका: काश्चन बालिकाश्च स्वतन्त्रता-दिवसस्य ध्वजारोहणसमारोहे सोत्साहं गच्छन्त: परस्पर सलपन्ति।) देवेश: – अद्य स्वतन्त्रता-दिवस:। अस्मार्क विद्यालयस्य प्राचार्य: ध्वजारोहणं करिष्यति। छात्राश्च सांस्कृतिककार्यक्रमान्‌ प्रस्तोष्यन्ति। अन्ते च मोदकानि मिलिष्यन्ति। डेविड: – शुचे। जानासि त्वम्‌? अस्मार्कं ध्वज: कीदृश:? शुचि: – अस्माकं देशस्य ध्वज: त्रिवर्ण: इति।   सरलार्थ – (कुछ बालक और कुछ बालिकाएँ स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहन …

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Sanskrit solution chapter 5 पण्डिता रमाबाइ Class 7 translated in hindi

पण्डिता रमाबाइ (क) स्त्रीशिक्षाक्षेत्रे अग्रगण्या पण्डिता रमाबाइ 1858 तमे ख्रिष्टाब्दे जन्म अलभत । तस्या: पिता अनन्तशास्त्री डोंगरे माता च लक्ष्मीबाई आस्ताम् । तस्मिन् काले स्त्रीशिक्षायाः स्थितिः चिन्तनीया आसीत् । स्त्रीणां कृते संस्कृतशिक्षणं प्रायः प्रचलितं नासीत् । किन्तु डोंगरे रूढिबद्धां धारणां परित्यज्य स्वपत्नीं संस्कृतमध्यापयत् । एतदर्थं सः समाजस्य प्रतारणाम् अपि असहत । सरलार्थ – स्त्रीशिक्षा के क्षेत्र …

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Sanskrit translation of chapter 7 सङ्कल्प: सिंद्धिदायक: in hindi of class 7

सङ्कल्प: सिंद्धिदायक: (क) (पार्वती शिव पतिरूपेण अवाञ्छत्‌। एतदर्थ सा तपस्यां कर्तुम्‌ ऐच्छत्‌। सा स्वकीयं मनोरथं मात्रे न्यवेदयत्‌। तत्‌ श्रुत्वा माता मेना चिन्ताकुला अभवत्‌।) मेना – वत्से! मनीषिता: देवता: गृहे एव सन्ति। तप: कठिनं भवति। तव शरीरं सुकोमलं वर्तते। गृहे एवं वस। अत्रेव तवाभिलाष: सफल: भविष्यति। पार्वती – अम्ब! तादृश: अभिलाष: तु तपसा एव पूर्ण: भविष्यति। …

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Sanskrit translation of chapter 6 सदाचार in hindi class 7

सदाचार ( क ) यस्मिन् देशे य आचारः पारम्पर्यक्रमागतः । वर्णानां सान्तरालानां स सदाचारः उच्सते ।।1।। अन्वयः – यस्मिन् देशे वर्णानां सान्तरालानां पारम्पर्यक्रमात् आगतः यः आचारः सः सदाचारः उच्यते । सरलार्थ – जिस देश में सभी वर्गो का तथा वर्गो के बीच आए सभी उपवर्गो का परम्परा क्रम से प्राप्त जो व्यवहार है , वह …

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Sanskrit solution chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Class 7 translated in hindi

हास्यबालकविसम्मेलनम् (हास्य बालकवि सम्मेलन) (क) (विविध-वेशभूषाधारिण: चत्वार बालकव: मञचस्य उपरि उपविष्टा: सन्ति । अध: श्रोतार: हास्यकविताश्रवणाय उत्सुका: सन्ति कोलाहलं च कुर्वन्ति) सरलार्थ – (अनेक प्रकार की वेशभूषा को धारण किए हुए चार बाल कवि मंच पर बैठे हुए हैं । नीचे श्रोता जन हास्य कविताएँ सुनने के लिए उत्सुक हैं तथा वे शोर कर रहे …

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Sanskrit translation of chapter 3 स्वावलम्बबम्‌ in hindi class 7

स्वावलम्बबम्‌ (क) कृष्णमूर्ति: श्रीकण्ठश्च मित्रे आस्ताम्‌। श्रीकण्ठस्य पिता समृद्ध: आसीत। अत: तस्य भवने सर्वविधानि सुख-साधनानि आसन्‌। तस्मिन्‌ विशाले भवने चत्वारिशत्‌ स्तम्भा: आसन्‌। तस्य अष्टादश-प्रकोष्ठेषु पञ्चाशत्‌ गवाक्षा:, चतुश्चत्वारिशत्‌ द्वाराणि, षट्त्रिशत्‌ विद्युत-व्यजनानि च आसन्‌। सरलार्थ- कृष्णमूर्ति और श्रीकण्ठ दो मित्र थे । श्रीकण्ठ के पिता धनी था । इसलिए उसके घर मे सभी प्रकार के सुख के …

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Sanskrit translation of chapter 15 प्रहेलिका in hindi class 8

प्रहेलिका पाठ का परिचय पहेलियाँ मनोरंजन का एक प्राचीन विद्या (तरीका) है। ये लगभग संसार की सभी भाषाओं में उपलब्ध् हैं। संस्कृत के कवियों ने इस परम्परा को अत्यन्त समृद्ध किया है। पहेलियाँ हमें आनन्द देने के साथ-साथ हमारी मानसिक व बौद्धिक प्रक्रिया को तीव्र बनाती हैं। इस पाठ में संस्कृत प्रहेलिका (पहेली) बूझने की …

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Sanskrit translation of chapter 14 आर्यभटः in hindi class 8

आर्यभटः पाठ का परिचय भारतवर्ष की अमूल्य निधि है ज्ञान-विज्ञान की सुदीर्घ परम्परा। इस परम्परा को सम्पोषित करने वाले प्रबुद्ध मनीषियों में अग्रगण्य थे-आर्यभट। दशमलव प(ति का प्रयोग सबसे पहले आर्यभट ने किया, जिसके कारण गणित को एक नई दिशा मिली। इन्हें एवं इनके प्रवर्तित सिद्धांतों को तत्कालीन रूढ़िवादियों का विरोध् झेलना पड़ा। वस्तुतः गणित …

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Sanskrit translation of chapter 13 हिमालयः in hindi class 8

हिमालयः पाठ का परिचय यह पाठ महाकवि कालिदास द्वारा लिखित ‘कुमार सम्भव’ नामक महाकाव्य के प्रथम सर्ग से लिया गया है। इन पद्यों में हिमालय की प्राकृतिक सुषमा का वर्णन किया गया है।   (क) अस्त्युत्तरस्यां दिशि देवतात्मा हिमालयो नाम नगाधिराज:। पूर्वापरौ तोयनिधी वगाह्य स्थितः पृथिव्या इव मानदण्डः।।1।। अन्वयः उत्तरस्यां दिशि हिमालयो नाम देवतात्मा नगाधिराज: …

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Sanskrit translation of chapter 12 कः रक्षति कः रक्षितः in hindi class 8

कः रक्षति कः रक्षितः पाठ का परिचय यह पाठ पर्यावरण पर केन्द्रित है। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए घातक है, लेकिन इसका हमारे जीवन में इस सीमा तक प्रवेश हो चुका है कि इसके बिना दैनिक जीवन चलाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसके बढ़ते हुए उपयोग पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए, पर्यावरण तथा प्रदूषण …

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Sanskrit translation of chapter 11 सावित्री बाई फुले in hindi class 8

 सावित्री बाई फुले पाठ का परिचय   शिक्षा हमारा अधिकार है। हमारे समाज के कई समुदायों को, जो लम्बे समय तक इससे वंचित रहे, इस अधिकार को पाने के लिए लम्बा संघर्ष करना पड़ा। इसकी प्राप्ति के लिए लड़कियों को विशेष रूप से विरोध् का सामना करना पड़ा। यह पाठ इसी संघर्ष का नेतृत्व करने वाली …

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Sanskrit translation of chapter 10 अशोक वनिका in hindi class 8

अशोक वनिका पाठ का परिचय यह पाठ आदि कवि वाल्मीकिकृत रामायण के सुन्दरकाण्ड के पन्द्रहवें सर्ग से लिया गया है। हनुमान जी सीता जी की खोज में जब लंका में प्रवेश करते हैं तो वहाँ के प्रसिद्ध उद्यान अशोक वाटिका की शोभा का आनन्ददायक दर्शन करते हैं। इस पाठ में अशोक वाटिका जो दिव्य/अद्वितीय सौरभ, …

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Sanskrit translation of chapter 9 सप्तभगिन्यः in hindi

सप्तभगिन्यः पाठ का परिचय सप्तभगिनी-यह एक उपनाम है। उत्तर-पूर्व के सात राज्य विशेष को उक्त उपाधि दी गई है। इन राज्यों का प्राकृतिक सौन्दर्य अत्यन्त विलक्षण है। इनकी सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषता को ध्यान में रखकर यह पाठ लिखा गया है।   अध्यापिका – सुप्रभातम्। छात्राः – सुप्रभातम्। सुप्रभातम्। अध्यापिका – भवतु। अद्य किं पठनीयम्? …

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Sanskrit translation of chapter 8 संसारसागरस्य नायकाः in hindi

संसारसागरस्य नायकाः पाठ का परिचय यह पाठ अनुपम मिश्रा द्वारा लिखित ‘आज भी खरे हैं तालाब’ में संकलित ‘संसार सागर के नायक’ नामक अध्याय से लिया गया है। लेखक ने यहाँ पानी के लिए मानव निर्मित तालाब, बावड़ी जैसे निर्माणों को संसार सागर के रूप में चित्रित किया है। इस पाठ में, विलुप्त होते जा रहे पारम्परिक …

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Sanskrit translation of chapter 6 प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा in hindi class 8

प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा पाठ का परिचय प्रस्तुत कहानी शिक्षाविद् गिजु भाई (1885-1939) की रचना ‘पेमला पेमली की कहानी’ का अनुवाद है। इस कहानी में एक महिला घरेलू कामों को पूरा करने की अपनी पारम्परिक भूमिका को वाक् चातुर्य से बदलने की कोशिश करती है।   एकः आसीत् प्रेमलः एका चासीत् प्रेमली। काष्ठच्छेदेन श्रान्तः प्रेमलः सायंकाले …

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Sanskrit translation of chapter 7 जलवाहिनी in hindi class 8

जलवाहिनी पाठ का परिचय यह गीत भोजपुरी लोकगीत का अनुवाद है। इसमें गाँव की पानी भरने वाली स्त्राी का चित्राण किया गया है। कुएँ से घड़े में जल भरकर लाते समय उसके मन में आने वाले अनेक भावों का वर्णन किया गया है।   भरिष्याम्याहरिष्यामि च सलिलकुम्भं कियत्कालम्। भरिष्या…….. शनैर्यदि यामि चिररात्राय विलपिष्यति गृहे बालः। …

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Sanskrit translation of chapter 5 धर्मे धमनं पापे पुण्यम in hindi class 8

धर्मे धमनं पापे पुण्यम पाठ का परिचय यह कथा पंचतंत्र की शैली में लिखी गई है। यह लोककथा मध्यप्रदेश के डिण्डोरी जिले में परधानों के बीच प्रचलित है। इस कथा में बताया गया है कि संकट में पड़ने पर भी चुराई और तत्काल उचित उपाय की सूझ से, उससे निकला (बचा) जा सकता है।   …

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Sanskrit translation of chapter 4 सदैव पुरतो निधेहि चरणम  in hindi class 8

सदैव पुरतो निधेहि चरणम  पाठ का परिचय श्रीधरभास्कर वर्णेकर ने अपने इस गीत में चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ने का आह्नान किया है। श्रीधर राष्ट्रवादी कवि हैं जिन्होंने इस गीत के द्वारा जागरण और कर्मठता का सन्देश दिया है।     चल चल पुरतो निधेहि चरणम्। सदैव पुरतो निधेहि चरणम्।। अन्वय: चल, चल …

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Sanskrit translation of chapter 2 दुर्बुद्धि: विनश्यति in hindi class 7

दुर्बुद्धि: विनश्यति (क) अस्ति मगधदेशे फुल्लोत्पलनाम सर: ‍। तत्र संकटविकटौ हंसैौ निवसत: । कम्बुग्रवनामक: तयो: मित्रम् एक: कूर्म: अपि तत्रैव प्रतिवसति स्म । अथ एकदा धीवरा: तत्र आगच्छन् । ते अकथयन् । ते अकथयन् – “वयं श्व: मत्स्यकूर्मादीन् मारयिष्याम: ।” एतत् श्रुत्वा कूर्म: अवदत् – “मित्रो! किं युवाभ्यां धीवराणां वार्ता श्रुता ? अधुना किम् अहं …

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Sanskrit translation of chapter 3 भगवदज्जुकम in hindi

भगवदज्जुकम पाठ का परिचय भगवदज्जुकम् संस्कृत का एक प्रसिद्ध प्रहसन है। इसकी रचना बोधयन द्वारा की गई है। इसमें एक गणिका जिसका नाम वसन्तसेना है अपनी परभृतिका नामक सेविका के साथ उद्यान में विहार के लिए आती है। गणिका का प्रेमी रामिलक उसे मिलने वहाँ आता है। इसी बीच यम का भेजा दूत किसी अन्य स्त्री (जिसका नाम भी …

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Sanskrit translation of chapter 2 बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता in hindi

बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता पाठ का परिचय प्रस्तुत पाठ संस्कृत के प्रसिद्ध कथाग्रन्थ ‘पञ्चतन्त्रम्’ के तृतीय तंत्र ‘काकोलूकीयम्’ से संकलित है। पञ्चतंत्र के मूल लेखक विष्णुशर्मा हैं। इसमें पाँच खण्ड हैं जिन्हें ‘तंत्र’ कहा गया है। इनमें गद्य-पद्य रूप में कथाएँ दी गई हैं जिनके पात्र मुख्यतः पशु-पक्षी हैं।   कसि्ंमशि्चत् वने खरनखरः …

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Sanskrit translation chapter सूभाषितानि class 8 in hindi

सूभाषितानि पाठ का परिचय  ‘सुभाषित’ शब्द सु + भाषित दो शब्दों के मेल से बना है। सु का अर्थ है- सुन्दर, मधुर और भाषित का अर्थ है- वचन। इस प्रकार सुभाषित का अर्थ है- सुन्दर/मधुर वचन। इस पाठ में सूक्तिमञ्जरी, नीतिशतकम्, मनुस्मृतिः, शिशुपालवध्म्, पञ्चतंत्रम् से रोचक और उदात्त विचारों को उभारने वाले श्लोकों का संग्रह …

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