You cannot copy content of this page

NCERT class 9 English Moments Chapter 8 summary A House is Not a Home (notes) explained (translation) in hindi

A House is not a Home Summary In English

The author misses his old school and friends
The author says that his first year at school was not pleasant. He felt like a freshman. His school was twice bigger than his old school. His old friends;had gone to a different high school. So he felt lonely. He missed his old teachers also. He visited them. They advised him to take part in school activities.

House on firv.
One Sunday afternoon the author was sitting at home. He was doing homework. It was cold. Fire went on in the fireplace. He had his cat nearby. His mother stoked the fire. Suddenly, he noticed smoke from the ceiling. It increased. They came in the front yard. But the fire had surrounded the place. It was spreading. His mother ran back into the house. The author ran to the neighbours to call the fire department.

Author and mother caught in the fire saved
The author’s mother then ran out of the house with important documents. She ran back into the house again. She wanted to get the pictures and letters of her husband. He ran after her. But the fireman caught him. The author told him that his mother was inside. The fireman seated him wrapped in a blanket in the car. Soon another fireman brought the author’s mother. He put her in the truck with an oxygen mask over her mouth. She was otherwise all right. She had only inhaled a little more smoke.

Author’s cat seen nowhere
After five hours, the fire was finally put out. The house was completely burned down. It struck the author that he had not seen his cat. He started weeping. He cried also. The firemen did not allow him to go inside the house. They went to the author’s grandparents for the night.

The author gets sad, wants to die
The next day the author went to school. He was in his old dress with no shoes. He had no books or homework. His backpack was also gone. He felt sad. He felt if he would be an outcast all his life. He did not want to grow up. He wanted to die. But he walked to school.

House visited on way to school
The author walked through his house to school. Everything had been destroyed. Only the photo albums, documents etc, were not destroyed. His heart ached for his cat. His mother took him soon from there. They would have to find a place to live. He would have to buy clothes for school also.

The author keeps thinking of the cat
Soon the rubble was being cleared off from the place. The author would go over there. He kept thinking of his cat. He kept thinking how the cat would climb him and fall asleep into his pocket.

The author’s plight known to all, he makes friends
Soon all came to know about the author’s plight. People collected around him to take him to the gymnasium. The author was surprised. Soon he knew it. The table inside had a collection of school things. These were : notebooks, clothes, jeans, tops, sweatsuits. The author grew emotional. He felt great relief as people came to meet him. They were those who had not visited him earlier. He made many friends that day.

Life good again, like the earlier one
A month later, the author was at his house. It was being rebuilt. His two friends from school visited him. The fire was responsible to open up all the wonderful people around him. He realized that his life was getting the same again.

Cat given to the author by a woman
Soon a woman came to him. She had a cat with her. She asked the author if the cat was his. The author got the cat from her at once. The cat purred happily. The author’s friends were hugging him. As for the cat, it had run away from the fire. That woman got it. She telephoned as the author’s telephone number was written on its collar.

Sweef feelings come again
The author sat with his friends. The cat curled up in his lap. The feelings of loss and sad event had vanished. He felt gratitude for his life and his new friends. He also felt it for the kindness of a stranger and the purr of his cat

A House is not a Home Summary In Hindi

लेखक को अपना पुराना स्कूल और मित्र याद आते हैं।
लेखक कहता है कि स्कूल का उसका पहला वर्ष रमणीय नहीं था। उसने नौसिखिये की तरह अनुभव किया। उसका स्कूल उसके पुराने स्कूल से दो गुणा बड़ा था। उसके पुराने मित्र एक अलग हाई स्कूल में चले गये थे। इसलिए उसने अकेलापन महसूस किया। उसे अपने पुराने अध्यापकों की भी याद आती थी। वह उनके पास जाता था। वे उसे स्कूल के कार्यक्रमों में भाग लेने की सलाह देते थे।

घर में आग
एक रविवार दोपहर बाद लेखक घर पर बैठा हुआ था। वह होमवर्क कर रहा था। ठण्ड थी। अंगीठी में आग जल रही थी। उसकी बिल्ली उसके समीप थी। उसकी माँ आग को ठीक कर रही थी। अचानक उसने छत से धुआँ निकलते देखा। यह बढ़ गया। वे अगले आंगन में आ गये। परन्तु आग ने स्थान को घेर लिया था। यह फैल रही थी। उसकी माँ घर में फिर चली गई। लेखक पड़ोसियों के पास आग विभाग को बुलाने के लिए चला गया।

आग में फंसे लेखक और उसकी माँ का बचाना
फिर लेखक की माँ महत्त्वपूर्ण कागजात के साथ घर से बाहर भाग गई। वह फिर घर में घुसी। वह अपने पति के फोटो और प्रपत्र लेना चाहती थी। वह उसके पीछे दौड़ा। परन्तु अग्निशमन अधिकारी ने उसे पकड़ लिया। लेखक ने उसे बताया कि उसकी माँ अन्दर थी। अग्निशमन अधिकारी ने उसे कम्बल में लपेट कर कार में बैठा दिया। शीघ्र ही दूसरा अग्निशमक अधिकारी लेखक की माँ को ले आया। उसने उसके मुहँ पर आक्सीजन का नकाब लगा कर ट्रक में लिटाया। वैसे वह ठीक थी। उसने सिर्फ थोड़ा सा अधिक धुआँ साँस द्वारा अन्दर ले लिया था।

लेखक की बिल्ली का कहीं पता नहीं
पाँच घंटों के पश्चात अन्त में आग बुझा दी गई। घर पूरी तरह जल गया था। लेखक को ध्यान आया कि उसने अपनी बिल्ली को नहीं देखा था। उसने रोना आरम्भ कर दिया। वह चिल्लाया भी। अग्निशमन अधिकारियों ने उसे घर के अन्दर नहीं जाने दिया। वे रात के लिए लेखक के दादा-दादी के घर चले गये।

लेखक की उदासी, मरना चाहता है।
अगले दिन लेखक स्कूल चला गया। बिना जूते पहनें वह अपने पुराने कपड़ों में था। उसके पास कोई पुस्तक या होमवर्क नहीं था। उसका कमर का बैग भी जा चुका था। वह उदास था। उसने अनुभव किया कि क्या वह सारा जीवन जाति बहिष्कृत रहेगा। वह बढ़ना नहीं चाहता था। वह मरना चाहता था। परन्तु वह स्कूल चला गया।

स्कूल के रास्ते घर जाना
लेखक स्कूल घर होता गया। हरेक चीज नष्ट हो चुकी थी। सिर्फ फोटो एलबम, कागजात, आदि नष्ट नहीं हुये थे। अपनी बिल्ली के लिये उसका दिल बेचैन था। उसकी माँ उसे शीघ्रता से वहाँ से ले गई। उन्हें रहने के लिये एक स्थान पाना पड़ेगा। उसे स्कूल के लिये कपड़े भी खरीदने पड़ेंगे।

लेखक का बिल्ली के बारे में सोचते रहना
शीघ्र ही स्थान से मलबा उठाया जाने लगा। लेखक वहाँ चला जाता। वह अपनी बिल्ली के बारे में सोचता रहता। वह सोचता रहता कि कैसे बिल्ली उस पर चढ़ जाती और कैसे उसकी जेब में सो जाती थी।

लेखक की हालत सभी को मालूम, उसके द्वारा मित्र बनाना
शीघ्र ही सभी लेखक की हालत को जान गये। मनुष्य उसे जिम में ले जाने के लिए उसके चारों तरफ इकट्ठा हो गये। लेखक आश्चर्यचकित हो गया। शीघ्र ही वह उसे जान गया। अन्दर मेज पर स्कूल की चीजें थीं। ये थीं : नोटबुक, कपड़े,’जीन्स, टॉप्स, स्वेटर। लेखक भावुक हो गया। उसे काफी आराम महसूस हुआ जैसे व्यक्ति उसे मिलने आये। वे वैसे व्यक्ति थे जो उसे पहले नहीं मिले थे। उसने उस दिन काफी मित्र बनाये।

जीवन फिर अच्छा, पहले जैसा
एक महीने बाद लेखक अपने घर पर था। यह दोबारा बनाया जा रहा था। उसके स्कूल के दो मित्र उसके पास गये। आग उसके समीप के सभी अद्भुत व्यक्तियों को उसके पास लाने के लिये जिम्मेवार थी। उसने अनुभव किया कि उसका जीवन फिर पहले जैसा हो रहा था।

एक महिला द्वारा लेखक को बिल्ली देना
शीघ्र ही एक महिला उसके पास आई। उसके साथ एक बिल्ली थी। उसने लेखक से पूछा कि क्या बिल्ली उसकी थी। लेखक ने बिल्ली को उससे एक दम लिया। बिल्ली खुशी से घुरघुराने लगी। लेखक के मित्र उसे गले लगा रहे थे। जहाँ तक बिल्ली की बात थी वह आग से दूर भाग गई थी। उस महिला ने उसे ले लिया। उसने टेलीफोन किया क्योंकि लेखक को टेलीफोन नम्बर उसके कॉलर पर लिखा हुआ था।

मीठी भावनायें फिर आ गईं
लेखक अपने मित्रों के साथ बैठा था। बिल्ली उसकी गोद में सिकुड़ कर बैठी थी। हानि और बुरी घटना की भावनायें समाप्त हो चुकी थीं। उसने अपने जीवन और अपने नये मित्रों के लिए कृतज्ञता का अनुभव किया। उसने इसे एक अजनबी और बिल्ली की घुरघुराहट के लिए भी अनुभव किया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Free Web Hosting