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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 14 आर्यभटः


Page No 97:

Question 1

एकपदेन उत्तरत −

(क) सूर्य कस्यां दिशायाम् उदेति?

(ख) आर्यभटस्य वेधशाला कुत्र आसीत्?

(ग) महान गणितज्ञ: ज्योतिविच्च क: अस्ति?

(घ) आर्यभटेन क: ग्रन्थ: रचित: ?

(ङ) अस्माकं प्रथमोपग्रहस्य नाम किम् अस्ति?

Answer:

(क) पूर्वस्याम् ।

(ख) पाटलीपुत्रे।

(ग) आर्यभट: ।

(घ) आर्यभटीयम्।

(ङ) आर्यभट: ।


Question 2

सन्धिविच्छेद कुरूत −

(क)ग्रन्थोऽयम्———————+———————
(ख)सूर्याचल:———————+———————
(ग)तथैव———————+———————
(घ)कालातिगामिनी———————+———————
(ङ)प्रथमोपग्रहस्य———————+———————

Answer:

(क)ग्रन्थोऽयम्ग्रन्थ:+अयम्
(ख)सूर्याचल:सूर्य+अचल:
(ग)तथैवतथा+इव
(घ)कालातिगामिनीकाल+अतिगामिनी
(ङ)प्रथमोपग्रहस्यप्रथम+उपग्रहस्य

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Question 3

अधोलिखित पदानां विपरीतार्थक पदानि लिखत −

(क)उदय:———————
(ख)अचल:———————
(ग)अन्धकार:———————
(घ)स्थिर:———————
(ङ)समादर:———————

Answer:

(क)उदय:अस्त:
(ख)अचल:चल:
(ग)अन्धकार:प्रकाश:
(घ)स्थिर:अस्थिर:
(ङ)समादर:निरादर:

Question 4

अधोलिखितानि पदानि आधृत्य वाक्यानि रचयत −

(क)साम्प्रतम्———————
(ख)निकषा———————
(ग)परित:———————
(घ)उपविष्ट:———————
(ङ)कर्मभूमि:———————
(च)वैज्ञानिक:———————

Answer:

(क)साम्प्रतम्साम्प्रतं क्रीडाक्षेत्रे गच्छ।
(ख)निकषातृणं निकषा वृक्ष: अस्ति
(ग)परित:विद्यालयं परित: उद्यानमस्ति
(घ)उपविष्ट:काष्ठपीठे उपविष्ट:
(ङ)कर्मभूमि:एष: मम् कर्मभूमि: अस्ति
(च)वैज्ञानिक:वैज्ञानिक: अनवेषणं करोति

Question 5

मञ्जूषात: पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत −

नौकाम् ,पृथिवी ,तदा ,चला ,अस्तं

(क) सूर्य: पूर्वदिशायाम् उदेति पश्चिम दिशि च ——————— गच्छति।

(ख) सूर्य: अचल: पृथिवी च ———————।

(ग) ——————— स्वकीये अक्षे घूर्णति।

(घ) यदा पृथिव्या: छाया पातेन चन्द्रस्य प्रकाश: अवरूध्यते ——————— चन्द्रग्रहण

भवति।

(ङ) नौकायाम् उपविष्ट: मानव: ——————— स्थिरामनुभवति।

Answer:

(क) सूर्य: पूर्वदिशायाम् उदेति पश्चिम दिशि च अस्तं गच्छति।

(ख) सूर्य: अचल: पृथिवी च चला

(ग) पृथिवी स्वकीये अक्षे घूर्णति।

(घ) यदा पृथिव्या: छाया पातेन चन्द्रस्य प्रकाश: अवरूध्यते तदा चन्द्रग्रहण भवति।

(ङ) नौकायाम् उपविष्ट: मानव: नौकाम् स्थिरामनुभवति।


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Question 6

उदाहरणानुसार पद परिचयं ददत −

पदानि

लिङ्गम

विभक्ति:

वचनम्

यथा-चन्द्रस्य

पुँल्लिङ्ग:

षष्ठी

एकवचनम्

(क)

वेधशालायाम्

———————

———————

———————

(ख)

पृथिवी

———————

———————

———————

(ग)

परम्परया

———————

———————

———————

(घ)

त्रीणि

———————

———————

———————

(ङ)

छायापातेन

———————

———————

———————

Answer:

पदानि

लिङ्गम

विभक्ति:

वचनम्

यथा-चन्द्रस्य

पुँल्लिङ्ग:

षष्ठी

एकवचनम्

(क)

वेधशालायाम्

स्त्रीलिङ्ग:

सप्तमी

एकवचनम्

(ख)

पृथिवी

स्त्रीलिङ्ग:

प्रथमा

एकवचनम्

(ग)

परम्परया

स्त्रीलिङ्ग:

तृतीया

एकवचनम्

(घ)

त्रीणि

नपुसंकलिङ्ग:

प्रथमा

बहुवचनम्

(ङ)

छायापातेन

पुँल्लिङ्ग:

तृतीया

एकवचनम्


Question 7

‘मति’ शब्दस्य रूपाणि पूरयत −

विभक्ति:

एकवचनम्

द्विवचनम्

बहुवचनम्

प्रथमा

मति:

मती

मतय:

द्वितीया

मतिम्

———————

मती:

तृतीया

मत्या

मतिभ्याम्

———————

चतुर्थी

———————

मतिभ्याम्

मतिभ्य:

पञ्चमी

मत्या:,मते:

———————

———————

षष्ठी

———————

मत्यो:

मतीनाम्

सप्तमी

मत्याम्

मत्यो:

मतिषु

सम्बोधनम्

———————

हे मती।

हे मतय:।

Answer:

विभक्ति:

एकवचनम्

द्विवचनम्

बहुवचनम्

प्रथमा

मति:

मती

मतय:

द्वितीया

मतिम्

मती

मती:

तृतीया

मत्या

मतिभ्याम्

मतिभि:

चतुर्थी

मत्यै,मत्ये

मतिभ्याम्

मतिभ्य:

पञ्चमी

मत्या:,मते:

मतिभ्याम्

मतिभ्य:

षष्ठी

मत्या:

मत्यो:

मतीनाम्

सप्तमी

मत्याम्

मत्यो:

मतिषु

सम्बोधनम्

हे मते!

हे मती।

हे मतय:।


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