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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 15 प्रहेलिका


Page No 104:

Question 1

श्लोकांशेषु रिक्तस्थानानि पूरयत −

(क) सीमन्तिनीषु का ———————राजा ——————— गुणोत्तम: ।

(ख) कं सञ्जघान ——————— का ——————— गङ्गा?

(ग) के ——————— कं ——————— न बाधते शीतम् ।।

(घ) वृक्षाग्रवासी न च ———————, ——————— न च शूलपाणि ।

Answer:

(क) सीमन्तिनीषु का शान्ता राजा कोऽभूत् गुणोत्तम: ।

(ख) कं सञ्जघान कृष्ण: का शीतलवाहिनी गङ्गा?

(ग) के दारपोषणरता: कं बलवन्तं न बाधते शीतम् ।।

(घ) वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराज, त्रिनेत्रधारी न च शूलपाणि: ।


Question 2

श्लोकांशान् योजयत −

(क)

किं कुर्यात् कातरो युद्धे

मृगात् सिंह: पलायते।

(ख)

विद्वद्भि: का सदा वन्घा

अत्रैवोक्तं न बुध्यते।

(ग)

कं सञ्जघान कृष्ण:

काशीतलवाहिनी गङ्गा।

(घ)

कथं विष्णुपदं प्रोक्तं

तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्।

Answer:

(क)

किं कुर्यात् कातरो युद्धे

अत्रैवोक्तं न बुध्यते।

(ख)

विद्वदभि: का सदा वन्घा

तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्।

(ग)

कं सञ्जघान कृष्ण

मृगात् सिंह: पलायते।

(घ)

कथं विष्णुपदं प्रोक्तं

काशीतलवाहिनी गङ्गा।


Page No 105:

Question 3

उपयुक्तकथनानां समक्षम् ‘आम्’ अनुपयुक्तकथनानां समक्षं न इति लिखत −

यथा-सिंह: करिणां कुलं हन्ति।

आम्

(क)

कातरो युद्धे युद्धयते।

(ख)

कस्तूरी मृगात् जायते।

(ग)

मृगात् सिंह: पलायते

(घ)

कंस: जघान कृष्णम्।

(ङ)

तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्।

(च)

जयन्त: कृष्णस्य पुत्र।

Answer:

यथा-सिंह: करिणां कुलं हन्ति।

आम्

(क)

कातरो युद्धे युद्धयते।

(ख)

कस्तूरी मृगात् जायते।

आम्

(ग)

मृगात् सिंहपलायते

(घ)

कंस: जघान कृष्णम्।

(ङ)

तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्।

आम्

(च)

जयन्त: कृष्णस्य पुत्र।


Question 4

अधोलिखितानां पदानां लिङ्गं विभक्ति वचनञ्च लिखत −

पदानिलिङ्गम्विभक्ति:वचनम्
यथा-करिणाम्पुँल्लिङ्गम्षष्ठीबहुवचनम्
कस्तूरी—————————————————————
युद्धे—————————————————————
सीमन्तिनीषु—————————————————————
बलवन्तम्—————————————————————
शूलपाणि:—————————————————————
शक्रस्य—————————————————————

Answer:

पदानिलिङ्गम्विभक्ति:वचनम्
यथा-करिणाम्पुँल्लिङ्गम्षष्ठीबहुवचनम्
कस्तूरीस्त्रीलिङ्गम्प्रथमाएकवचनम्
युद्धेपुँल्लिङ्गम्सप्तमीएकवचनम्
सीमन्तिनीषुस्त्रीलिङ्गम्सप्तमीबहुवचनम्
बलवन्तम्पुँल्लिङ्गम्द्वितीयाएकवचनम्
शूलपाणि:पुँल्लिङ्गम्प्रथमाएकवचनम्
शक्रस्यपुँल्लिङ्गम्षष्ठीएकवचनम्

Page No 106:

Question 5

कोष्ठकान्तर्गतानां पदानामुपयुक्तविभक्तिप्रयोगेन अनुच्छेदं पूरयत −

एक: काक: ——————— (आकाश) डयमान: आसीत्। तृषार्त: स: ——————— (जल) अन्वेषणं करोति। तदा स: ——————— (घट) अल्पं ——————— (जल) पश्यति। स ——————— (उपल) आनीय ——————— (घट) पातयति। जलं ——————— (घट) उपरि आगच्छति। ——————— (काक) सानन्दं जलं पीत्वा तृप्यति।

Answer:

एक: काक: आकाशे  डयमान: आसीत्। तृषार्त: स: जलस्य  अन्वेषणं करोति। तदा स: घटे अल्पं जलं  पश्यति। स: उपलान्  आनीय घटे  पातयति। जलं घटे  उपरि आगच्छति। काक:  सानन्दं जलं पीत्वा तृप्यति।


 

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