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NCERT solution class 8 sanskrit chapter 3 भगवदज्जुकम (नकारान्तपुँल्लिङ्ग:)


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Question 1

अधोलिखितानां प्रश्नानाम्‌ उत्तराणि एकपदेन लिखत-

(क) गणिकाया: नाम किम्‌?

(ख) परिव्राजकस्य शिष्य: क: आसीत्‌?

(ग) यमदूत: गणिकाया: जीवं कस्य शरीरे निदधति?

(घ) परहितनिरता के भवन्तु?

Answer:

(क) वसन्तसेना।

(ख) शाण्डिल्य:।

(ग) परिव्राजकस्य।

(घ) भूतगणा:।


Question 2

सन्धिविच्छेदं कुरुत-

यथा – तत्रैव

तत्र

+

एव

भगवन्नयम्‌

——————–

+

——————–

श्वासश्च

——————–

+

——————–

खल्वकृतज्ञा:

——————–

+

——————–

सप्तैता:

——————–

+

——————–

करोतीति

——————–

+

——————–

Answer:

यथा – तत्रैव

तत्र

+

एव

भगवन्नयम्‌

भगवन्

+

अयम्

श्वासश्च

श्वास:

+

खल्वकृतज्ञा:

खलु

+

अकृतज्ञा:

सप्तैता:

सप्त

+

ऐता:

करोतीति

करोति

+

इति


Question 3

उदाहरणानुसारं अव्ययपदानि चिनुत-

यथा

राधा अपि नृत्यति।

अपि

(क)

त्वं कदा गृहं गमिष्यसि।

(ख)

अधुना क: समय:।

(ग)

महात्मागान्धी सदा सत्यं वदति स्म।

(घ)

अहं श्व: विद्यालयं गमिष्यामि।

(ङ)

इदानीं त्वं श्लोकं पठ।

Answer:

यथा

राधा अपि नृत्यति।

अपि

(क)

त्वं कदा गृहं गमिष्यसि।

कदा

(ख)

अधुना क: समय:।

अधुना

(ग)

महात्मागान्धी सदा सत्यं वदति स्म।

सदा

(घ)

अहं श्व: विद्यालयं गमिष्यामि।

श्व:

(ङ)

इदानीं त्वं श्लोकं पठ।

इदानीं


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Question 4

अधोलिखितानि कथनानि क:/का कं/कां प्रति कथयाति?

:/का

कं/कां प्रति

(क)

मूर्ख वैद्य! अलं परिश्रमेण।

——————–

——————–

(ख)

कुत्र कुत्र रामिलक:।

——————–

——————–

(ग)

विषवेगा: शतम्‌।

——————–

——————–

(घ)

गुलिका: मया आनीता:।

——————–

——————–

(ङ)

इदम्‌ उदकम्‌।

——————–

——————–

(च)

अरे! प्रत्यागतप्राण: खलु भगवान्‌।

——————–

——————–

Answer:

:/का

कं/कां प्रति

(क)

मूर्ख वैद्य! अलं परिश्रमेण।

गणिका

वैद्यम्

(ख)

कुत्र कुत्र रामिलक:।

परिव्राजक:

रामिलकम्

(ग)

विषवेगा: शतम्‌।

वैद्य:

गणिकाम्

(घ)

गुलिका: मया आनीता:।

वैद्य

चेटीम्

(ङ)

इदम्‌ उदकम्‌।

चेटी

वैद्यम्

(च)

अरे! प्रत्यागतप्राण: खलु भगवान्‌।

शाण्डिल्य:

परिव्राजकम्


Question 5

विपरीतार्थका: शब्दा: लेखनीया:-

गुणा:

——————–

स्वीकार:

——————–

दक्षिणहस्त:

——————–

अनन्या

——————–

कृतज्ञ:

——————–

Answer:

गुणा:

दोषा:

स्वीकार:

अस्वीकार:

दक्षिणहस्त:

वामहस्त

अनन्या

अन्य

कृतज्ञ:

कृतघ्न:


Question 6

अधोलिखितानि पदानि प्रयुज्य वाक्यानि रचयत-

गुलिका:

——————–

कुठारिका

——————–

क्षिप्रम्‌

——————–

यत्न:

——————–

लोके

——————–

Answer:

गुलिका:

गुलिका: रोगं हरन्ति

कुठारिका

कुठारिका काष्ठं छिनति

क्षिप्रम्‌

कार्य क्षिप्रं करणीयम्

यत्न:

सततं यत्न: कर्त्तव्य:

लोके

लोके सदाचार: जयति


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Question 7

उदाहरणानुसारेण पदनिर्माणं कुरुत-

मूलशब्दा:

वचनम्‌

पदानि

यथा- शिल्पिन्‌

प्रथमा-एकवचने

शिल्पी

धनिन्‌

द्वितीया-एकवचने

——————–

ज्ञानिन्‌

तृतीया-एकवचने

——————–

महत्त्वाकांक्षिन्‌

द्वितीया-बहुवचने

——————–

बहुभाषिन्‌

तृतीया-बहुवचने

——————–

दण्डिन्‌

द्वितीया-बहुवचने

——————–

Answer:

मूलशब्दा:

वचनम्‌

पदानि

यथा- शिल्पिन्‌

प्रथमा-एकवचने

शिल्पी

धनिन्‌

द्वितीया-एकवचने

धनिनम्

ज्ञानिन्‌

तृतीया-एकवचने

ज्ञानिन।

महत्त्वाकांक्षिन्‌

द्वितीया-बहुवचने

महत्त्वाकांक्षिण:

बहुभाषिन्‌

तृतीया-बहुवचने

बहुभाषिभि:

दण्डिन्‌

द्वितीया-बहुवचने

दण्डिन:


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