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NCERT Solutions for Class 10 Hindi chapter 12 तताँरा-वामीरो कथा

Page No 83:

Question 1:

तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?

Answer:

तताँरा-वामीरो अंदमान निकोबार द्वीप समुह की प्रचलित लोक कथा है।

Question 2:

वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?

Answer:

वामीरो सागर के किनारे गा रही थी। अचानक समुद्र की ऊँची लहर ने उसे भिगो दिया, इसी हड़बडाहट में वह गाना भूल गई।

Question 3:

तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?

Answer:

तताँरा ने वामीरो से याचना की कि वह कल इसी स्थान पर आए और उसकी प्रतिक्षा करे।

Question 4:

तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी?

Answer:

तताँरा और वामीरो के गाँव की रीति थी कि बाहर के किसी गाँव वाले से विवाह संबंध नहीं हो सकता था।

Question 5:

क्रोध में तताँरा ने क्या किया?

Answer:

क्रोध में तताँरा का हाथ कमर पर लटकी तलवार पर चला गया और उसने तलवार निकाल कर ज़मीन में गाड़ दी।

Question 1:

तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?

Answer:

तताँरा की तलवार लकड़ी की थी औऱ हर समय तताँरा की कमर पर बँधी रहती थी। वह इसका प्रयोग सबके सामने नहीं करता था। उसमें अद्भुत दैवीय शक्ति थी। इसलिए तताँरा के साहसिक कारनामों के चर्चे चारों तरफ़ थे। वास्तव में वह तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।

Question 2:

वामीरों ने तताँरा को बोरूखी से क्या जवाब दिया?

Answer:

वामीरों ने तताँरा को बेरूखी से जवाब दिया क्योंकि वह अपने गाँव के युवक के अलावा किसी से भी बात नहीं करती थी। पहले वह बताए कि वह कौन है जो इस तरह प्रश्न पूछ रहा है।

Page No 84:

Question 3:

तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?

Answer:

तताँरा-वामीरो के गाँव वालों में पहले आपसी संबंध नहीं थे। विवाह तो दूर वे आपस में बात भी नहीं करते थे परन्तु इनकी त्यागमयी मृत्यु के बाद दोनों के गाँव में आपसी संबंध बनने लगे और वैवाहिक संबंध भी बनने लगे।

Question 4:

निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?

Answer:

निकोबार के लोग तताँरा को उसके आत्मीय स्वभाव के कारण पसन्द करते थे, उससे बेहद प्रेम करते थे। वह नेक ईमानदार और साहसी था। वह मुसीबत के समय भाग भागकर सबकी मदद करता था।

Question 1:

निकोबार द्वीप समूह के विभक्त होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?

Answer:

निकोबारियों का विश्वास था कि पहले अडंमान निकोबार दोनों एक ही द्वीप थे। इनके दो होने के पीछे तताँरा-वामीरो की लोक कथा प्रचलित है। ये दोनों प्रेम करते थे। दोनों एक गाँव के नहीं थे। इसलिए रीति अनुसार विवाह नहीं हो सकती थी। रूढ़ियों में जकड़ा होने के कारण वह कुछ कर भी नहीं सकता था। उसे अत्यधिक क्रोध आया और उसने क्रोध में अपनी तलवार धरती में गाड़ दी और उसे खींचते खींचते वह दूर भागता चला गया। इससे ज़मीन दो भागों में बँट गई – एक निकोबार और दूसरा अंडमान।

Question 2:

तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

Answer:

तताँरा दिनभर खूब परिश्रम करने के बाद समुद्र के किनारे टहलने निकल गया। समुद्र से ठंडी हवाएँ आ रही थी। पक्षियों की चहचहाट धीरे-धीरे कम हो रही थी। डुबते सूरज़ की किरणें समुद्र के पानी पर पड़कर रंग-बिरंगी रोशनी छोड़ रही थी। समुद्र का पानी बहते हुए आवाज़ कर रहा था मानो कोई गीत गा रहा हो। पूरा वातावरण बहुत मोहक लग रहा था।

Question 3:

वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?

Answer:

वामीरो से मिलने के बाद तताँरा बहुत बैचेन रहने लगा। वह अपनी सुधबुध खो बैठा। वह शाम की प्रतिक्षा करता जब वह वामीरो से मिल सके। वह दिन ढलने से पहले ही लपाती की समुद्री चट्टान पर पहुँच गया। उसे एक-एक पल पहाड़ जैसा लग रहा था। उसे वामीरो के न आने की आशंका होने लगती है। लपाती के रास्ते पर वामीरो को देखने के लिए नज़रे दौड़ाता। जैसे ही वामीरो आई उसे देखते ही वह शब्दहीन हो एकटक देखने लगा।

Question 4:

प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?

Answer:

प्राचीन काल में हष्ट पुष्ट पशुओं के साथ शक्ति प्रदर्शन किए जाते थे। लड़ाकू साँडों, शेर, पहलवानों की कुश्ती, तलवार बाजी जैसे शक्ति प्रदर्शन के कार्यक्रम होते थे। तीतर, बटेर की लड़ाई, पंतगबाजी, पैठे लगाना जिसमें विशिष्ठ सामग्रियाँ बिकती। खाने पीने की दुकाने, जानवरों की नुमाइश, ये सभी मनोरंजन के आयोजन होते थे।

Question 5:

रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।

Answer:

रूढ़ियां और बंधन समाज को अनुशासित करने के लिए बनते हैं परन्तु इन्हीं के द्वारा मनुष्य की भावना आहत होने लगे, बंधन बनने लगे और बोझ लगने लगे तो उसका टूट जाना ही अच्छा होता है। जिस प्रकार तताँरा वामीरो से प्रेम करता है, उससे विवाह करना चाहता है परन्तु गाँव के लोग तताँरा को पसंद नहीं करते हैं। वे इस समय विरोध करते हैं और अन्त में उन्हें अपनी जान देनी पड़ती है। इस तरह की रूढ़ियाँ भला करने की जगह नुकसान करती हैं तो उन्हें टूट जाना समाज के लिए बेहतर है।

Question 1:

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।

Answer:

तताँरा-वामीरो को पता लग गया था कि उनका विवाह नहीं हो सकता था। फिर भी वे मिलते रहे। एक बार पशु पर्व मे वामीरो तताँरा से मिलकर रोने लगी। इस पर उसकी माँ ने क्रोध किया और तताँरा को अपमानित किया। तताँरा को भी क्रोध आने लगा। अपने गुस्से को शान्त करने के लिए अपनी तलवार को ज़मीन में गाड़ कर खींचता चला गया। इस तरह उसने धरती को चीर कर क्रोध को शान्त किया।

Question 2:

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।

Answer:

तताँरा ने वामीरो से मिलने के लिए कहा और वह शाम के समय उसकी प्रतीक्षा भी कर रहा था। जैसे-जैसे सूरज डूब रहा था, उसको वामीरो के न आने की आशंका होने लगती। जिस प्रकार सूर्य की किरणें समुद्र की लहरों में कभी दिखती तो कभी छिप जाती थी, उसी तरह तताँरा के मन में भी उम्मीद बनती और डूबने लगती थी।

Question 1:

निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (✓) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है −

(क) निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(ख) तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(ग) वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(घ) क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(ङ) वाह! कितना सुदंर नाम है। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(च) मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

Answer:

(क)निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे।विधानवाचक
(ख)तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया?प्रश्नवाचक
(ग)वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी।विधानवाचक
(घ)क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम?प्रश्नवाचक
(ङ)वाह! कितना सुदंर नाम है।विस्मयादिबोधक
(च)मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा।विधानवाचक

Question 2:

निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए −

(क) सुध-बुध खोना

(ख) बाट जोहना

(ग) खूशी का ठिकाना न रहना

(घ) आग बबूला होना

(ङ) आवाज़ उठाना

Answer:

(क) सुध-बुध खोना – अचानक बहुत से मेहमानों को देखकर गीता ने अपनी सुधबुध खो दी।

(ख) बाट जोहना – शाम होते ही माँ सबकी बाट जोहने लगती।

(ग) खुशी का ठिकाना न रहना – आई. ए. एस. की परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर मोहन का खुशी का ठिकाना न रहा।

(घ) आग बबूला होना – शैतान बच्चों को देखकर अध्यापक आग बबूला हो गए।

(ङ) आवाज़ उठाना – प्रगतीशील लोगों ने रूढ़ियों के खिलाफ आवाज़ उठाई।

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Question 3:

नीचे दिए गए शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए −

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
चर्चित——————-——————-
साहसिक——————-——————-
छटपटाहट——————-——————-
शब्दहीन——————-——————-

Answer:

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
चर्चितचर्चाइत
साहसिकसाहसइक
छटपटाहटछटपटआहट
शब्दहीनशब्दहीन

Question 4:

नीचे दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए −

——————+आकर्षक=——————
——————+ज्ञात=——————
——————+कोमल=——————
——————+होश=——————
——————+घटना=——————

Answer:

अन+आकर्षक=अनाकर्षक
+ज्ञात=अज्ञात
सु+कोमल=सुकोमल
बे+होश=बेहोश
दुर्+घटना=दुर्घटना

Question 5:

निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए −

(क) जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ। (मिश्रवाक्य)

(ख) फिर तेज़ कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आकर ठिठक गई। (संयुक्त वाक्य)

(ग) वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ़ दौड़ी। (सरल वाक्य)

(घ) तताँरा को देखकर वह फूटकर रोने लगी। (संयुक्त वाक्य)

(ङ) रीति के अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था। (मिश्रवाक्य)

Answer:

(क) जीवन में यह पहला अवसर है जब में विचलित हूँ।

(ख) फिर तेज़ कदमों से चलती हुई आई और तताँरा के सामने आकर ठिठक गई।

(ग) वामीरो कुछ सचेत होकर घर की तरफ़ दौड़ी।

(घ) उसने तताँरा को देखा और वह फूटकर रोने लगी।

(ङ) ऐसी रीति थी कि दोनों एक ही गाँव के हो।

Question 7:

नीचे दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखिए −

भय, मधुर, सभ्य, मूक, तरल, उपस्थिति, सुखद।

Answer:

भयअभय
मधुरकर्कश
सभ्यअसभ्य
मूकवाचाल
तरलठोस
उपस्थितिअनुपस्थिति
दुखदसुखद

Question 8:

नीचे दिए गए शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए −

समुद्र, आँख, दिन, अँधेरा, मुक्त।

Answer:

समुद्रसागर, जलधि
आँखनेत्र, चक्षु
दिनदिवस, वासर
अँधेरातम, अंधकार
मुक्तआज़ाद, स्वतंत्र

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Question 9:

नीचे दिए गए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए −

किंकर्तव्यविमूढ़, विह्वल, भयाकुल, याचक, आकंठ।

Answer:

किंकर्तव्यविमूढ़ − बहुत परेशानी में ठाकुर साहब से ढेरो पैसे इनाम मिलने पर वह किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया।

विह्वल − गीता बूढ़ी माँ के अंतिम क्षणों में विह्वल हो गई।

भयाकुल − वह अकेले अंधेरे घर में भयाकुल हो गया।

याचक − दरवाज़े पर एक याचक खड़ा था।

आकंठ − वह बहुत ही मधुर आकंठ से गीत गा रही थी।

Question 10:

‘किसी तरह आँचरहित एक ठंडा और ऊबाऊ दिन गुज़रने लगा’ वाक्य में दिन के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया गया है? आप दिन के लिए कोई तीन विशेषण और सुझाइए।

Answer:

(क) ठंडा, ऊबाऊ

(ख) सुदंर, उजला, जोशीला।

Question 11:

इस पाठ में ‘देखना’ क्रिया के कई रूप आए हैं − ‘देखना’ के इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में क्या अंतर है? वाक्य-प्रयोग द्वारा स्पष्ट कीजिए।

इसी प्रकार ‘बोलना’ क्रिया के विभिन्न शब्द−प्रयोग बताइए

Answer:

 

‘देखना’ क्रिया के इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में निम्नलिखित अंतर इस प्रकार हैः

(1) आँखें केंद्रित करनाः  इस बिन्दु पर अपनी आँखें केंद्रित करो।

(2) निर्निमेष ताकनाः   राम सुधा को निर्निमेष ताकता रहा।

(3) नज़र पड़नाः  सुधा पर मेरी नज़र पड़ गई।

(4) निहारनाः   माँ बच्चे को निहार रही थी।

(5) ताकनाः   गोपियाँ कृष्ण को ताकती रही।

(6) घूरनाः  दूसरों को घूरना अच्छी बात नहीं।

 

‘बोलना’ क्रिया के विभिन्न शब्द इस प्रकार हैं −

‘बोलना’ क्रिया के इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में निम्नलिखित अंतर इस प्रकार हैः

(1) कहनाः   मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।

(2) चुप्पी तोड़नाः   राघव ने अपनी चुप्पी तोड़ी।

(3) लगातार बोलते  जानाः  सुधा लगातार बोलती जा रही थी।

(4) भाव प्रकट करनाः  इस काव्यांश का  भाव प्रकट कीजिए ।

(5) आवाज़ उठानाः  मज़दूरों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई।

(6) सबको पुकाराः    सुधा ने चोरों को  घर पर घुसता देखकर सबको पुकारा।

Question 12:

नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए −

(क) श्याम का बड़ा भाई रमेश कल आया था। (संज्ञा पदबंध)

(ख) सुनीता परिश्रमी और होशियार लड़की है। (विशेषण पदबंध)

(ग) अरुणिमा धीरे-धीरे चलते हुए वहाँ जा पहुँची। (क्रिया विशेषण पदबंध)

(घ) आयुष सुरभि का चुटकुला सुनकर हँसता रहा। (क्रिया पदबंध)

ऊपर दिए गए वाक्य (क) में रेखांकित अंश में कई पद हैं जो एक पद संज्ञा का काम कर रहे हैं। वाक्य (ख) में तीन पद मिलकर विशेषण पद का काम कर रहे हैं। वाक्य (ग) और (घ) में कई पद मिलकर क्रमश: क्रिया विशेषण और क्रिया का काम कर रहे हैं।

ध्वनियों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं और वाक्य में प्रयुक्त शब्द ‘पद’ कहलाता है; जैसे – ‘पेड़ों पर पक्षी चहचहा रहे थे।’ वाक्य में ‘पेड़ों’ शब्द पद है क्योंकि इसमें अनेक व्याकरणिक बिंदु जुड़ जाते हैं। कई पदों के योग से बने वाक्यांश को जो एक ही पद का काम करता है, पदबंध कहते हैं। पदबंध वाक्य का एक अंश होता है।

पदबंध मुख्य रुप से चार प्रकार के होते हैं −

• संज्ञा पदबंध• क्रिया पदबंध
• विशेषण पदबंध• क्रियाविशेषण पदबंध

वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए −

(क) उसकी कल्पना में वह एक अद्भुत साहसी युवक था।

(ख) तताँरा को मानो कुछ होश आया

(ग) वह भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता।

(घ) तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।

(ङ) उसकी व्याकुल आँखें वामीरों को ढूँढने में व्यस्त थीं।

Answer:

(क) विशेषण पदबंध

(ख) क्रिया पदबंध

(ग) क्रिया विशेषण पदबंध

(घ) संज्ञा पदबंध

(ङ) संज्ञा पदबंध

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Question 1:

तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?

Answer:

तताँरा-वामीरो अंदमान निकोबार द्वीप समुह की प्रचलित लोक कथा है।

Question 2:

वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?

Answer:

वामीरो सागर के किनारे गा रही थी। अचानक समुद्र की ऊँची लहर ने उसे भिगो दिया, इसी हड़बडाहट में वह गाना भूल गई।

Question 3:

तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?

Answer:

तताँरा ने वामीरो से याचना की कि वह कल इसी स्थान पर आए और उसकी प्रतिक्षा करे।

Question 4:

तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी?

Answer:

तताँरा और वामीरो के गाँव की रीति थी कि बाहर के किसी गाँव वाले से विवाह संबंध नहीं हो सकता था।

Question 5:

क्रोध में तताँरा ने क्या किया?

Answer:

क्रोध में तताँरा का हाथ कमर पर लटकी तलवार पर चला गया और उसने तलवार निकाल कर ज़मीन में गाड़ दी।

Question 1:

तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?

Answer:

तताँरा की तलवार लकड़ी की थी औऱ हर समय तताँरा की कमर पर बँधी रहती थी। वह इसका प्रयोग सबके सामने नहीं करता था। उसमें अद्भुत दैवीय शक्ति थी। इसलिए तताँरा के साहसिक कारनामों के चर्चे चारों तरफ़ थे। वास्तव में वह तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।

Question 2:

वामीरों ने तताँरा को बोरूखी से क्या जवाब दिया?

Answer:

वामीरों ने तताँरा को बेरूखी से जवाब दिया क्योंकि वह अपने गाँव के युवक के अलावा किसी से भी बात नहीं करती थी। पहले वह बताए कि वह कौन है जो इस तरह प्रश्न पूछ रहा है।

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Question 3:

तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?

Answer:

तताँरा-वामीरो के गाँव वालों में पहले आपसी संबंध नहीं थे। विवाह तो दूर वे आपस में बात भी नहीं करते थे परन्तु इनकी त्यागमयी मृत्यु के बाद दोनों के गाँव में आपसी संबंध बनने लगे और वैवाहिक संबंध भी बनने लगे।

Question 4:

निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?

Answer:

निकोबार के लोग तताँरा को उसके आत्मीय स्वभाव के कारण पसन्द करते थे, उससे बेहद प्रेम करते थे। वह नेक ईमानदार और साहसी था। वह मुसीबत के समय भाग भागकर सबकी मदद करता था।

Question 1:

निकोबार द्वीप समूह के विभक्त होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?

Answer:

निकोबारियों का विश्वास था कि पहले अडंमान निकोबार दोनों एक ही द्वीप थे। इनके दो होने के पीछे तताँरा-वामीरो की लोक कथा प्रचलित है। ये दोनों प्रेम करते थे। दोनों एक गाँव के नहीं थे। इसलिए रीति अनुसार विवाह नहीं हो सकती थी। रूढ़ियों में जकड़ा होने के कारण वह कुछ कर भी नहीं सकता था। उसे अत्यधिक क्रोध आया और उसने क्रोध में अपनी तलवार धरती में गाड़ दी और उसे खींचते खींचते वह दूर भागता चला गया। इससे ज़मीन दो भागों में बँट गई – एक निकोबार और दूसरा अंडमान।

Question 2:

तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

Answer:

तताँरा दिनभर खूब परिश्रम करने के बाद समुद्र के किनारे टहलने निकल गया। समुद्र से ठंडी हवाएँ आ रही थी। पक्षियों की चहचहाट धीरे-धीरे कम हो रही थी। डुबते सूरज़ की किरणें समुद्र के पानी पर पड़कर रंग-बिरंगी रोशनी छोड़ रही थी। समुद्र का पानी बहते हुए आवाज़ कर रहा था मानो कोई गीत गा रहा हो। पूरा वातावरण बहुत मोहक लग रहा था।

Question 3:

वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?

Answer:

वामीरो से मिलने के बाद तताँरा बहुत बैचेन रहने लगा। वह अपनी सुधबुध खो बैठा। वह शाम की प्रतिक्षा करता जब वह वामीरो से मिल सके। वह दिन ढलने से पहले ही लपाती की समुद्री चट्टान पर पहुँच गया। उसे एक-एक पल पहाड़ जैसा लग रहा था। उसे वामीरो के न आने की आशंका होने लगती है। लपाती के रास्ते पर वामीरो को देखने के लिए नज़रे दौड़ाता। जैसे ही वामीरो आई उसे देखते ही वह शब्दहीन हो एकटक देखने लगा।

Question 4:

प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?

Answer:

प्राचीन काल में हष्ट पुष्ट पशुओं के साथ शक्ति प्रदर्शन किए जाते थे। लड़ाकू साँडों, शेर, पहलवानों की कुश्ती, तलवार बाजी जैसे शक्ति प्रदर्शन के कार्यक्रम होते थे। तीतर, बटेर की लड़ाई, पंतगबाजी, पैठे लगाना जिसमें विशिष्ठ सामग्रियाँ बिकती। खाने पीने की दुकाने, जानवरों की नुमाइश, ये सभी मनोरंजन के आयोजन होते थे।

Question 5:

रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।

Answer:

रूढ़ियां और बंधन समाज को अनुशासित करने के लिए बनते हैं परन्तु इन्हीं के द्वारा मनुष्य की भावना आहत होने लगे, बंधन बनने लगे और बोझ लगने लगे तो उसका टूट जाना ही अच्छा होता है। जिस प्रकार तताँरा वामीरो से प्रेम करता है, उससे विवाह करना चाहता है परन्तु गाँव के लोग तताँरा को पसंद नहीं करते हैं। वे इस समय विरोध करते हैं और अन्त में उन्हें अपनी जान देनी पड़ती है। इस तरह की रूढ़ियाँ भला करने की जगह नुकसान करती हैं तो उन्हें टूट जाना समाज के लिए बेहतर है।

Question 1:

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।

Answer:

तताँरा-वामीरो को पता लग गया था कि उनका विवाह नहीं हो सकता था। फिर भी वे मिलते रहे। एक बार पशु पर्व मे वामीरो तताँरा से मिलकर रोने लगी। इस पर उसकी माँ ने क्रोध किया और तताँरा को अपमानित किया। तताँरा को भी क्रोध आने लगा। अपने गुस्से को शान्त करने के लिए अपनी तलवार को ज़मीन में गाड़ कर खींचता चला गया। इस तरह उसने धरती को चीर कर क्रोध को शान्त किया।

Question 2:

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।

Answer:

तताँरा ने वामीरो से मिलने के लिए कहा और वह शाम के समय उसकी प्रतीक्षा भी कर रहा था। जैसे-जैसे सूरज डूब रहा था, उसको वामीरो के न आने की आशंका होने लगती। जिस प्रकार सूर्य की किरणें समुद्र की लहरों में कभी दिखती तो कभी छिप जाती थी, उसी तरह तताँरा के मन में भी उम्मीद बनती और डूबने लगती थी।

Question 1:

निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (✓) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है −

(क) निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(ख) तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(ग) वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(घ) क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(ङ) वाह! कितना सुदंर नाम है। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

(च) मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

Answer:

(क)निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे।विधानवाचक
(ख)तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया?प्रश्नवाचक
(ग)वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी।विधानवाचक
(घ)क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम?प्रश्नवाचक
(ङ)वाह! कितना सुदंर नाम है।विस्मयादिबोधक
(च)मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा।विधानवाचक

Question 2:

निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए −

(क) सुध-बुध खोना

(ख) बाट जोहना

(ग) खूशी का ठिकाना न रहना

(घ) आग बबूला होना

(ङ) आवाज़ उठाना

Answer:

(क) सुध-बुध खोना – अचानक बहुत से मेहमानों को देखकर गीता ने अपनी सुधबुध खो दी।

(ख) बाट जोहना – शाम होते ही माँ सबकी बाट जोहने लगती।

(ग) खुशी का ठिकाना न रहना – आई. ए. एस. की परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर मोहन का खुशी का ठिकाना न रहा।

(घ) आग बबूला होना – शैतान बच्चों को देखकर अध्यापक आग बबूला हो गए।

(ङ) आवाज़ उठाना – प्रगतीशील लोगों ने रूढ़ियों के खिलाफ आवाज़ उठाई।

Page No 85:

Question 3:

नीचे दिए गए शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए −

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
चर्चित——————-——————-
साहसिक——————-——————-
छटपटाहट——————-——————-
शब्दहीन——————-——————-

Answer:

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
चर्चितचर्चाइत
साहसिकसाहसइक
छटपटाहटछटपटआहट
शब्दहीनशब्दहीन

Question 4:

नीचे दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए −

——————+आकर्षक=——————
——————+ज्ञात=——————
——————+कोमल=——————
——————+होश=——————
——————+घटना=——————

Answer:

अन+आकर्षक=अनाकर्षक
+ज्ञात=अज्ञात
सु+कोमल=सुकोमल
बे+होश=बेहोश
दुर्+घटना=दुर्घटना

Question 5:

निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए −

(क) जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ। (मिश्रवाक्य)

(ख) फिर तेज़ कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आकर ठिठक गई। (संयुक्त वाक्य)

(ग) वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ़ दौड़ी। (सरल वाक्य)

(घ) तताँरा को देखकर वह फूटकर रोने लगी। (संयुक्त वाक्य)

(ङ) रीति के अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था। (मिश्रवाक्य)

Answer:

(क) जीवन में यह पहला अवसर है जब में विचलित हूँ।

(ख) फिर तेज़ कदमों से चलती हुई आई और तताँरा के सामने आकर ठिठक गई।

(ग) वामीरो कुछ सचेत होकर घर की तरफ़ दौड़ी।

(घ) उसने तताँरा को देखा और वह फूटकर रोने लगी।

(ङ) ऐसी रीति थी कि दोनों एक ही गाँव के हो।

Question 7:

नीचे दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखिए −

भय, मधुर, सभ्य, मूक, तरल, उपस्थिति, सुखद।

Answer:

भयअभय
मधुरकर्कश
सभ्यअसभ्य
मूकवाचाल
तरलठोस
उपस्थितिअनुपस्थिति
दुखदसुखद

Question 8:

नीचे दिए गए शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए −

समुद्र, आँख, दिन, अँधेरा, मुक्त।

Answer:

समुद्रसागर, जलधि
आँखनेत्र, चक्षु
दिनदिवस, वासर
अँधेरातम, अंधकार
मुक्तआज़ाद, स्वतंत्र

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Question 9:

नीचे दिए गए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए −

किंकर्तव्यविमूढ़, विह्वल, भयाकुल, याचक, आकंठ।

Answer:

किंकर्तव्यविमूढ़ − बहुत परेशानी में ठाकुर साहब से ढेरो पैसे इनाम मिलने पर वह किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया।

विह्वल − गीता बूढ़ी माँ के अंतिम क्षणों में विह्वल हो गई।

भयाकुल − वह अकेले अंधेरे घर में भयाकुल हो गया।

याचक − दरवाज़े पर एक याचक खड़ा था।

आकंठ − वह बहुत ही मधुर आकंठ से गीत गा रही थी।

Question 10:

‘किसी तरह आँचरहित एक ठंडा और ऊबाऊ दिन गुज़रने लगा’ वाक्य में दिन के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया गया है? आप दिन के लिए कोई तीन विशेषण और सुझाइए।

Answer:

(क) ठंडा, ऊबाऊ

(ख) सुदंर, उजला, जोशीला।

Question 11:

इस पाठ में ‘देखना’ क्रिया के कई रूप आए हैं − ‘देखना’ के इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में क्या अंतर है? वाक्य-प्रयोग द्वारा स्पष्ट कीजिए।

इसी प्रकार ‘बोलना’ क्रिया के विभिन्न शब्द−प्रयोग बताइए

Answer:

 

‘देखना’ क्रिया के इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में निम्नलिखित अंतर इस प्रकार हैः

(1) आँखें केंद्रित करनाः  इस बिन्दु पर अपनी आँखें केंद्रित करो।

(2) निर्निमेष ताकनाः   राम सुधा को निर्निमेष ताकता रहा।

(3) नज़र पड़नाः  सुधा पर मेरी नज़र पड़ गई।

(4) निहारनाः   माँ बच्चे को निहार रही थी।

(5) ताकनाः   गोपियाँ कृष्ण को ताकती रही।

(6) घूरनाः  दूसरों को घूरना अच्छी बात नहीं।

 

‘बोलना’ क्रिया के विभिन्न शब्द इस प्रकार हैं −

‘बोलना’ क्रिया के इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में निम्नलिखित अंतर इस प्रकार हैः

(1) कहनाः   मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।

(2) चुप्पी तोड़नाः   राघव ने अपनी चुप्पी तोड़ी।

(3) लगातार बोलते  जानाः  सुधा लगातार बोलती जा रही थी।

(4) भाव प्रकट करनाः  इस काव्यांश का  भाव प्रकट कीजिए ।

(5) आवाज़ उठानाः  मज़दूरों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई।

(6) सबको पुकाराः    सुधा ने चोरों को  घर पर घुसता देखकर सबको पुकारा।

Question 12:

नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए −

(क) श्याम का बड़ा भाई रमेश कल आया था। (संज्ञा पदबंध)

(ख) सुनीता परिश्रमी और होशियार लड़की है। (विशेषण पदबंध)

(ग) अरुणिमा धीरे-धीरे चलते हुए वहाँ जा पहुँची। (क्रिया विशेषण पदबंध)

(घ) आयुष सुरभि का चुटकुला सुनकर हँसता रहा। (क्रिया पदबंध)

ऊपर दिए गए वाक्य (क) में रेखांकित अंश में कई पद हैं जो एक पद संज्ञा का काम कर रहे हैं। वाक्य (ख) में तीन पद मिलकर विशेषण पद का काम कर रहे हैं। वाक्य (ग) और (घ) में कई पद मिलकर क्रमश: क्रिया विशेषण और क्रिया का काम कर रहे हैं।

ध्वनियों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं और वाक्य में प्रयुक्त शब्द ‘पद’ कहलाता है; जैसे – ‘पेड़ों पर पक्षी चहचहा रहे थे।’ वाक्य में ‘पेड़ों’ शब्द पद है क्योंकि इसमें अनेक व्याकरणिक बिंदु जुड़ जाते हैं। कई पदों के योग से बने वाक्यांश को जो एक ही पद का काम करता है, पदबंध कहते हैं। पदबंध वाक्य का एक अंश होता है।

पदबंध मुख्य रुप से चार प्रकार के होते हैं −

• संज्ञा पदबंध• क्रिया पदबंध
• विशेषण पदबंध• क्रियाविशेषण पदबंध

वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए −

(क) उसकी कल्पना में वह एक अद्भुत साहसी युवक था।

(ख) तताँरा को मानो कुछ होश आया

(ग) वह भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता।

(घ) तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।

(ङ) उसकी व्याकुल आँखें वामीरों को ढूँढने में व्यस्त थीं।

Answer:

(क) विशेषण पदबंध

(ख) क्रिया पदबंध

(ग) क्रिया विशेषण पदबंध

(घ) संज्ञा पदबंध

(ङ) संज्ञा पदबंध

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