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chapter 14

Sanskrit translation of chapter 14 आर्यभटः in hindi class 8

आर्यभटः पाठ का परिचय भारतवर्ष की अमूल्य निधि है ज्ञान-विज्ञान की सुदीर्घ परम्परा। इस परम्परा को सम्पोषित करने वाले प्रबुद्ध मनीषियों में अग्रगण्य थे-आर्यभट। दशमलव प(ति का प्रयोग सबसे पहले आर्यभट ने किया, जिसके कारण गणित को एक नई दिशा मिली। इन्हें एवं इनके प्रवर्तित सिद्धांतों को तत्कालीन रूढ़िवादियों का विरोध् झेलना पड़ा। वस्तुतः गणित …

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