You cannot copy content of this page

sanskrit

Sanskrit translation of chapter 6 सदाचार in hindi class 7

सदाचार ( क ) यस्मिन् देशे य आचारः पारम्पर्यक्रमागतः । वर्णानां सान्तरालानां स सदाचारः उच्सते ।।1।। अन्वयः – यस्मिन् देशे वर्णानां सान्तरालानां पारम्पर्यक्रमात् आगतः यः आचारः सः सदाचारः उच्यते । सरलार्थ – जिस देश में सभी वर्गो का तथा वर्गो के बीच आए सभी उपवर्गो का परम्परा क्रम से प्राप्त जो व्यवहार है , वह …

Sanskrit translation of chapter 6 सदाचार in hindi class 7 Read More »

Sanskrit solution chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Class 7 translated in hindi

हास्यबालकविसम्मेलनम् (हास्य बालकवि सम्मेलन) (क) (विविध-वेशभूषाधारिण: चत्वार बालकव: मञचस्य उपरि उपविष्टा: सन्ति । अध: श्रोतार: हास्यकविताश्रवणाय उत्सुका: सन्ति कोलाहलं च कुर्वन्ति) सरलार्थ – (अनेक प्रकार की वेशभूषा को धारण किए हुए चार बाल कवि मंच पर बैठे हुए हैं । नीचे श्रोता जन हास्य कविताएँ सुनने के लिए उत्सुक हैं तथा वे शोर कर रहे …

Sanskrit solution chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Class 7 translated in hindi Read More »

Sanskrit translation of chapter 15 प्रहेलिका in hindi class 8

प्रहेलिका पाठ का परिचय पहेलियाँ मनोरंजन का एक प्राचीन विद्या (तरीका) है। ये लगभग संसार की सभी भाषाओं में उपलब्ध् हैं। संस्कृत के कवियों ने इस परम्परा को अत्यन्त समृद्ध किया है। पहेलियाँ हमें आनन्द देने के साथ-साथ हमारी मानसिक व बौद्धिक प्रक्रिया को तीव्र बनाती हैं। इस पाठ में संस्कृत प्रहेलिका (पहेली) बूझने की …

Sanskrit translation of chapter 15 प्रहेलिका in hindi class 8 Read More »

Sanskrit translation of chapter 14 आर्यभटः in hindi class 8

आर्यभटः पाठ का परिचय भारतवर्ष की अमूल्य निधि है ज्ञान-विज्ञान की सुदीर्घ परम्परा। इस परम्परा को सम्पोषित करने वाले प्रबुद्ध मनीषियों में अग्रगण्य थे-आर्यभट। दशमलव प(ति का प्रयोग सबसे पहले आर्यभट ने किया, जिसके कारण गणित को एक नई दिशा मिली। इन्हें एवं इनके प्रवर्तित सिद्धांतों को तत्कालीन रूढ़िवादियों का विरोध् झेलना पड़ा। वस्तुतः गणित …

Sanskrit translation of chapter 14 आर्यभटः in hindi class 8 Read More »

Sanskrit translation of chapter 13 हिमालयः in hindi class 8

हिमालयः पाठ का परिचय यह पाठ महाकवि कालिदास द्वारा लिखित ‘कुमार सम्भव’ नामक महाकाव्य के प्रथम सर्ग से लिया गया है। इन पद्यों में हिमालय की प्राकृतिक सुषमा का वर्णन किया गया है।   (क) अस्त्युत्तरस्यां दिशि देवतात्मा हिमालयो नाम नगाधिराज:। पूर्वापरौ तोयनिधी वगाह्य स्थितः पृथिव्या इव मानदण्डः।।1।। अन्वयः उत्तरस्यां दिशि हिमालयो नाम देवतात्मा नगाधिराज: …

Sanskrit translation of chapter 13 हिमालयः in hindi class 8 Read More »

Sanskrit translation of chapter 8 संसारसागरस्य नायकाः in hindi

संसारसागरस्य नायकाः पाठ का परिचय यह पाठ अनुपम मिश्रा द्वारा लिखित ‘आज भी खरे हैं तालाब’ में संकलित ‘संसार सागर के नायक’ नामक अध्याय से लिया गया है। लेखक ने यहाँ पानी के लिए मानव निर्मित तालाब, बावड़ी जैसे निर्माणों को संसार सागर के रूप में चित्रित किया है। इस पाठ में, विलुप्त होते जा रहे पारम्परिक …

Sanskrit translation of chapter 8 संसारसागरस्य नायकाः in hindi Read More »

Sanskrit translation of chapter 5 धर्मे धमनं पापे पुण्यम in hindi class 8

धर्मे धमनं पापे पुण्यम पाठ का परिचय यह कथा पंचतंत्र की शैली में लिखी गई है। यह लोककथा मध्यप्रदेश के डिण्डोरी जिले में परधानों के बीच प्रचलित है। इस कथा में बताया गया है कि संकट में पड़ने पर भी चुराई और तत्काल उचित उपाय की सूझ से, उससे निकला (बचा) जा सकता है।   …

Sanskrit translation of chapter 5 धर्मे धमनं पापे पुण्यम in hindi class 8 Read More »

Sanskrit translation of chapter 2 दुर्बुद्धि: विनश्यति in hindi class 7

दुर्बुद्धि: विनश्यति (क) अस्ति मगधदेशे फुल्लोत्पलनाम सर: ‍। तत्र संकटविकटौ हंसैौ निवसत: । कम्बुग्रवनामक: तयो: मित्रम् एक: कूर्म: अपि तत्रैव प्रतिवसति स्म । अथ एकदा धीवरा: तत्र आगच्छन् । ते अकथयन् । ते अकथयन् – “वयं श्व: मत्स्यकूर्मादीन् मारयिष्याम: ।” एतत् श्रुत्वा कूर्म: अवदत् – “मित्रो! किं युवाभ्यां धीवराणां वार्ता श्रुता ? अधुना किम् अहं …

Sanskrit translation of chapter 2 दुर्बुद्धि: विनश्यति in hindi class 7 Read More »

Sanskrit translation of chapter 3 भगवदज्जुकम in hindi

भगवदज्जुकम पाठ का परिचय भगवदज्जुकम् संस्कृत का एक प्रसिद्ध प्रहसन है। इसकी रचना बोधयन द्वारा की गई है। इसमें एक गणिका जिसका नाम वसन्तसेना है अपनी परभृतिका नामक सेविका के साथ उद्यान में विहार के लिए आती है। गणिका का प्रेमी रामिलक उसे मिलने वहाँ आता है। इसी बीच यम का भेजा दूत किसी अन्य स्त्री (जिसका नाम भी …

Sanskrit translation of chapter 3 भगवदज्जुकम in hindi Read More »

Sanskrit translation of chapter 2 बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता in hindi

बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता पाठ का परिचय प्रस्तुत पाठ संस्कृत के प्रसिद्ध कथाग्रन्थ ‘पञ्चतन्त्रम्’ के तृतीय तंत्र ‘काकोलूकीयम्’ से संकलित है। पञ्चतंत्र के मूल लेखक विष्णुशर्मा हैं। इसमें पाँच खण्ड हैं जिन्हें ‘तंत्र’ कहा गया है। इनमें गद्य-पद्य रूप में कथाएँ दी गई हैं जिनके पात्र मुख्यतः पशु-पक्षी हैं।   कसि्ंमशि्चत् वने खरनखरः …

Sanskrit translation of chapter 2 बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता in hindi Read More »

Sanskrit translation chapter सूभाषितानि class 8 in hindi

सूभाषितानि पाठ का परिचय  ‘सुभाषित’ शब्द सु + भाषित दो शब्दों के मेल से बना है। सु का अर्थ है- सुन्दर, मधुर और भाषित का अर्थ है- वचन। इस प्रकार सुभाषित का अर्थ है- सुन्दर/मधुर वचन। इस पाठ में सूक्तिमञ्जरी, नीतिशतकम्, मनुस्मृतिः, शिशुपालवध्म्, पञ्चतंत्रम् से रोचक और उदात्त विचारों को उभारने वाले श्लोकों का संग्रह …

Sanskrit translation chapter सूभाषितानि class 8 in hindi Read More »

Sanskrit solution chapter 1 सुभाषितानि Class 7 translated in hindi

सुभाषितानि (क) पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमत्रं सुभाषितम् । मूढै: पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयती  ।। 1 ।। सरलार्थ: पृथ्वी पर केवल तीन ही रत्न है। जल, अन्न और मधुर वचन। बुद्धिमान व्यक्ति इनकी समझ रखते है परन्तु मूर्ख लोग पत्थर के टुकड़ों को ही रत्न समझते है। शब्द अर्थ पृथिव्यां पृथ्वी में त्रीणि तीन रत्नानि रत्न जलमन्नं …

Sanskrit solution chapter 1 सुभाषितानि Class 7 translated in hindi Read More »

error: Content is protected !!
Free Web Hosting